Bareilly: दावा- सौ फीसदी स्मार्ट क्लास, हकीकत- बाधित रहती है बिजली आपूर्ति, कैसे चले टीवी-प्रोजेक्टर

स्मार्ट कक्षा में पढाई करते छात्र
– फोटो : अमर उजाला
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बेसिक शिक्षा विभाग ने बरेली को सभी परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास वाला यूपी का पहला जिला घोषित किया है। दावा है कि इससे विद्यार्थी डिजिटल कंटेंट प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे जुदा है। जिले में सभी विद्यालयों को स्मार्ट क्लास तो मिल गई, लेकिन 90 फीसदी स्कूलों में बिजली आपूर्ति ही बाधित रहती है। इससे स्कूलों में लगाए गए टीवी और प्रोजेक्टर काम नहीं कर रहे। ऐसे में बच्चों को उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा।
शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि कुछ विद्यालयों में तो बिजली ही नहीं है और बाकी जहां है वहां स्कूल के समय अक्सर आपूर्ति बाधित रहती है। इसके चलते स्मार्ट कक्षाएं लग ही नहीं पातीं। बच्चे प्रोजेक्टर के लिए लगाए गए बोर्ड को महज व्हाइट बोर्ड समझते हैं। उसकी उपयोगिता के बारे में उन्हें नहीं पता है। लगभग सभी जगह स्कूलों में बिजली आपूर्ति का यही हाल है। इसकी जानकारी विभाग को है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
शिक्षक बोले- नहीं मिल रहा लाभ
शिक्षक सतेंद्र पाल का कहना है कि वीडियो के जरिये विद्यार्थियों को बेहतर समझ में आता है, लेकिन पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने से स्मार्ट कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। कभी आधे घंटे के लिए बिजली आ भी जाती है तो सभी विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है।



