ककोड़ा मेला : ठेकेदारों की शर्त से जिला पंचायत प्रशासन मुश्किल में
बदायूं/कादरचौक। रुहेलखंड मंडल के कुंभ के रूप में मशहूर ककोड़ा मेले में 26 नवंबर को मुख्य स्नान है। इसे लेकर जिला प्रशासन और जिला पंचायत के अधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इधर, ठेकेदारों ने पिछला बकाया मिलने पर ही इस बार काम कराने की शर्त रख दी है। इससे जिला पंचायत प्रशासन के सामने काम समय से पूरे कराने की चुनौती खड़ी हो गई है।
कादरचौक इलाके में हर साल मेला ककोड़ा लगता है। इसे जिला पंचायत की ओर से लगवाया जाता है। इसके लिए अलग-अलग निर्माण कार्य के टेंडर किए जाते हैं। सारे काम ठेकेदारों के माध्यम से काम कराए जाते हैं, लेकिन कई ठेकेदारों को पिछले साल मेले में कराए गए कामों का भुगतान नहीं हो सका है। लिहाजा ठेकेदारों ने इस बार काम करने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि पुराना भुगतान होने पर ही वे काम करेंगे।
पिछली बार आगरा से आया था टेंट का सामान
मेला ककोड़ा में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के रहने में किसी भी प्रकार की असुविधाएं न हो, इसको ध्यान में रखते हुए पिछली बार आगरा से टेंट मंगाया गया था। इस पर लाखों रुपये खर्च हुए थे। टेंट व्यापारी का भी 22 लाख रुपया बकाया है। ऐसे में उन्होंने इस बार टेंट का सामान भेजने में असमर्थता जताई है।
ठेकेदारों की बकाया रकम
-शौचालय-9,76,000
-सिरकी पाल- 10,00,000
-बीड़ा कार्य- 10,00,000
-जंगल सफाई-4,00,000
-टैंक व्यवस्था-3,50,000
-मेला लाइट-8,00,000
-बांस-बल्ली-3,00,000
वर्जन
-एक दिन पहले ही वित्तीय स्वीकृति शासन स्तर से मिली है। ऐसे में 15 अक्तूबर तक सभी ठेकेदारों का पुराने बकाए का भुगतान कर दिया जाएगा। – मासूम रजा, अभियंता जिला पंचायत


