Rampur News: डीएम के आश्वासन पर तीन महीने चल रहा किसानों का धरना समाप्त
रामपुर। डीएम के आश्वासन के बाद केमरी राइस मिल पर 92 दिनों से चल रहा किसानों का बेमियादी धरना आखिरकार समाप्त हो गया। इससे पहले किसानों ने मंगलवार को आंबेडकर पार्क पहुंचकर अपनी ताकत का अहसास कराया। किसानों ने इस दौरान प्रदर्शन किया और ज्ञापन दिया। डीएम से मिले प्रतिनिधिमंडल ने आश्वासन के बाद धरना स्थगित करने की घोषणा की। कहा कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक का धरना प्रदर्शन पिछले 92 दिनों से केमरी की बिलाल राइस मिल में चल रहा था। किसानों ने धरने के दौरान मंगलवार को कलक्ट्रेट कूच करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद से किसान लगातर तैयारी में जुटे थे। मंगलवार को तमाम किसान ट्रैक्टर-ट्राॅली, कार, जीप से आंबेडकर पार्क पहुंचे, जहां किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
किसान कलेक्ट्रेट कूच कर रहे थे कि इस बीच अफसर यहां पहुंच गए, जहां किसानों ने ज्ञापन दिया। बाद में भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह और जिला अध्यक्ष अजय बाबू गंगवार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिला अधिकारी से मिलने के लिए पहुंचा। जिलाध्यक्ष अजय बाबू गंगवार ने कहा कि मिल प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है, जिसको लेकर जिला प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और जिला प्रशासन के द्वारा माना गया है कि मिल की प्रॉपर्टी ज्यादा है और कम रुपये में नीलामी की गई है।
डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ की ओर से आश्वासन दिया गया कि मिल प्रकरण में कोर्ट में किसानों का पक्ष रखा जाएगा। जब तक मिल को लेकर कोई फैसला नहीं आ जाता और किसानों का पैसा नही मिल जाता तब तक मिल पर किसानों का कब्जा रहेगा। जिलाध्यक्ष ने बताया कि केमरी में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन डीएम के द्वारा आश्वासन देने पर धरना खत्म किया गया है।
वहीं किसानों के बीच पहुंचे एडीएम वित्त एवं राजस्व हेम सिंह ने कहा कि जांच कमेटी ने मान लिया है कि नीलामी बहुत ही कम पैसे में हुई है। जब जमीन का मूल्यांकन कराया गया तो करीब 5 करोड़ 89 लाख की वैल्यू जमीन की आई है। जांच कमेटी के द्वारा बैंक को भी सुझाव दिया गया है कि विधिक कार्यवाही पूरी करते हुए और सलाह मशवरा करके नीलामी रद्द करने की प्रक्रिया भी अपना सकते हैं। इसके बाद चौधरी दिगंबर सिंह और अजय बाबू गंगवार ने बताया कि जिला अधिकारी के साथ हुई मीटिंग में तय किया गया कि डीएम सरकारी पक्ष की तरह किसानों की पैरवी न्यायालय में करेंगे।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि डीएम ने प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव को इस बारे में पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है, जिससे वो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन को एक पत्र लिखकर इस मामले के बारे में अवगत करा दें। जांच कमेटी ने सबसे बेहतर यही सुझाव दिया कि मिल की पुन: नीलामी होनी चाहिए।
धरने पर यह रहे मौजूद
धरने के दौरान महेंद्र रंधावा, सरदार सलविंदर सिंह कलसी, अरुण सिंह राठी, तेजपाल गंगवार, सतीश चौधरी, सुरेंद्र खन्ना ,जुबैर खान, लक्ष्मी चौहान, अजीत सिंह, किरण, महेश, प्रेम पाल, वीरेंद्र गंगवार, हरीशंकर, श्याम सुंदर, जितेंद्र विश्नोई, हरपाल सिंह, नासिर, रामप्रताप, शेरू गंगवार, संजीव समेत तमाम महिला किसान भी मौजूद रहीं।