Bareilly News: बुखार पीड़ित फैक्टरी मैनेजर की मौत, परिजनों ने शव रखकर किया प्रदर्शन

फरीदपुर (बरेली)। बुखार पीड़ित युवक ने निजी अस्पताल में उपचार ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने फैक्टरी प्रबंधन पर तबीयत खराब होने के बावजूद दबाव बनाकर काम कराने का आरोप लगाकर शव फैक्टरी गेट के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। समझौता होने के बाद परिजन शव लेकर चले गए।
संत कबीरनगर जनपद के थाना दुधारा के गांव पाचवां निवासी परशुराम यादव (53) पिछले 14 वर्षों से फरीदपुर के नवादा वन गांव के समीप स्थित एनपी एग्रो फैक्टरी में काम करते थे। वह मेंटीनेंस मैनेजर के पद पर तैनात थे। सितंबर माह के अंत में उन्हें बुखार आया। उन्होंने फैक्टरी प्रबंधन को जानकारी देकर छुट्टी मांगी। आरोप है कि उन्हें छुट्टी नहीं दी गई। जब उन्होंने तबीयत ज्यादा खराब होने की बात कही तो हिसाब कराकर नौकरी छोड़ने के लिए कह दिया गया। इस वजह से वह काम करते रहे।
दो अक्तूबर को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उनका उपचार चल रहा था। बृहस्पतिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर फैक्टरी के बाहर पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। बेटे निशांत यादव ने बताया कि अगर समय पर पिता को छुट्टी दी जाती तो उनकी तबीयत नहीं बिगड़ती। उन्होंने एसएसपी से शिकायत की। इसके बाद इंस्पेक्टर क्राइम संतोष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाकर शांत किया।
फैक्टरी के मालिक रजत शर्मा भी पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारी भविष्य निधि के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं देने के साथ पेंशन देने की भी बात कही। लिखित समझौता होने के बाद परिजन शव लेकर चले गए। परशुराम यादव का परिवार फरीदपुर के मोहल्ला कानूनगोयान में किराये के मकान में रहता है। उनके परिवार में पत्नी शारदा देवी के अलावा बेटे निशांत यादव व मनीष यादव और दो बेटियां नेहा यादव व शशि यादव हैं।
वर्जन:
परशुराम की मौत पर हमें खेद हैं। परिवार की मांगे मानते हुए उन्हें लिखित दिया गया है। परिवार की हर संभव मदद की जाती है। – मोनू झाबर, फैक्टरी मालिक



