इनकम टैक्स: किन परिवारों के सदस्यों से मिले सामान पर भी टैक्स लगता है? जानें क्या हैं नियम
उपहार पर आयकर नियम: हर खुशी के मौके पर लोग एक-दूसरे को तोहफा देते हैं। इन सामानों पर टैक्स को लेकर लोगों में एक भ्रम बना रहता है। जब पति-पत्नी एक दूसरे को गिफ्ट देते हैं या फिर अपने घर के शेयर को सामान देने पर टैक्स लेने को लेकर मन में सवाल रखते हैं। इसे लेकर दस्तावेज विभाग (IT) कुछ नियम बनाए रखते हैं। आईटी विभाग ने एक व्यक्ति या संयुक्त हिंदू परिवार द्वारा पाए गए सामान के टैक्सेशन के संबंध में कुछ नियम बनाए हैं। आईटी विभाग के सर्कुलर के अनुसार गिफ्ट को बिना किसी विचार के पाए जाने वाले धन या किसी चल या अचल संपत्ति के रूप में माना जाता है।
50 हजार से ज्यादा के सामान पर टैक्स लगता है
वैसे चलन और अचल संपत्ति जो मार्केट प्राइस से कम रेट पर मिलती है, वो भी इसी श्रेणी में आती है। एक वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये से ज्यादा का कोई भी सामान टैक्स के तहत आता है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा अपने परिवार को सामान दिया जाता है चाहे उसकी कीमत 50,000 रुपये से ज्यादा भी हो तो ऐसी स्थिति में टैक्स नहीं लगेगा।
आईटी विभाग के साथ रिश्ता कौन हो सकता है
- पति-पत्नी एक दूसरे को सामान देते हैं तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
- भाई या बहन एक दूसरे को गिफ्ट देंगे तो कोई टैक्स नहीं लगेगा.
- अगर पति या पत्नी का भाई-बहन सामान दें तो टैक्स नहीं लगाएं।
- पति-पत्नी का क्लैनाड भी गिफ्ट में देता है तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
इसलिए ही नहीं आईटी डिपार्टमेंट के मुताबिक शादी के मौके पर जो गिफ्ट मिलेगा, उस पर टैक्स नहीं लगेगा। अगर आपको ऐसा सामान मिला है जो टैक्स के अंदर नहीं आता है, लेकिन अगर उस पर खबर आ रही है तो वह टैक्स के अंदर आ जाता है।
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