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Bareilly News: जेल प्रशासन की नींद हराम, हाई सिक्योरिटी बैरक में सद्दाम

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बरेली। सद्दाम को उसी सेंट्रल जेल-2 में रखा गया है जिसमें उसके बहनोई अशरफ ने तीन साल का समय गुजारा। यहां सद्दाम ने ही जेल स्टाफ से सांठगांठ कर सारी सुख सुविधाएं मुहैया कराई थीं। इसी कारण जेल अधीक्षक समेत जेल व पुलिस के आठ अफसर-कर्मचारी निलंबित हुए थे। इनमें से गिरफ्तार दो आरक्षी भी इसी जेल में बंद हैं। सद्दाम को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखने के बाद भी जेल प्रशासन की नींद हराम है। इसलिए जेल प्रशासन फूंक-फूंककर कदम उठा रहा है।

सद्दाम का खास गुर्गा लल्ला गद्दी, फुरकान समेत उसके कई साथी भी इस समय इसी जेल में हैं। हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद सद्दाम खासा बेचैन बताया गया है। अधिवक्ता उमेश पाल हत्याकांड से पहले अशरफ का बरेली जिला जेल में सिक्का चलता था। सद्दाम बिना पर्ची के बहनोई से मुलाकात करता था और सामान पहुंचाता था। उमेश पाल की हत्या के बाद हालात बदल गए थे। होटल-रेस्टोरेंट के तीखे और चटपटे व्यंजनों के बजाय अशरफ के सामने सामान्य कैदियों का खाना ही पहुंच रहा था। सद्दाम को भी अब कैदियों का ही खाना मिल पाएगा।

बृहस्पतिवार रात सद्दाम के सामने जो थाली पहुंची, उसमें सादा दाल, सब्जी व रोटी थी। सूत्रों के मुताबिक यह खाना उसे पसंद नहीं आया। उसने अधिकारियों से ऐसी बैरक में रहने की इच्छा जताई जहां और भी बंदी-कैदी हों, लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली। तन्हाई बैरक में भी जेल कर्मचारी सद्दाम पर खास नजर रख रहे हैं।

जेल अधीक्षक ने दी स्टाफ को चेतावनी

सेंट्रल जेल-2 के अधीक्षक राजीव शुक्ला के निलंबन के बाद विपिन मिश्रा को इस पद की जिम्मेदारी दी गई थी। सद्दाम के जेल में पहुंचते ही दोबारा से यह जेल सुर्खियों में आ गई है। जेल अधीक्षक ने सभी जेलकर्मियों के साथ बैठक कर कहा कि पिछली बार की गलती न दोहराई जाए। किसी के प्रलोभन में आने की जरूरत नहीं है, वरना फिर कार्रवाई का शिकार होना पड़ सकता है और जेल की बदनामी भी होगी। सभी बंदियों से नियमानुसार एक सा व्यवहार रखें। किसी को वीआईपी समझने की जरूरत नहीं है। 00

रिमांड की दहशत भी सद्दाम को कर रही परेशान

सद्दाम को रिमांड पर लिए जाने का डर सता रहा है। एसटीएफ मुख्यालय के अधिकारी बरेली के पुलिस अफसरों के संपर्क में हैं। अगर जरूरत पड़ी तो सद्दाम के रिमांड के लिए आवेदन करके उसे प्रयागराज भी ले जाया जा सकता है। माना जा रहा है कि सद्दाम के पास गुड्डू बमबाज, शाइस्ता और जैनब के बारे में अहम जानकारी है। वहीं सद्दाम को अशरफ और अतीक की संपत्ति के बारे में भी पता है। सद्दाम को रिमांड की दहशत भी परेशान कर रही है। क्योंकि अतीक व अशरफ को प्रयागराज में रिमांड पर पहुंचने के दौरान ही अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा था।


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