Bareilly News: फरीदपुर नगर पालिका की बोर्ड बैठक में 40 फीसदी कमीशन के मुद्दे पर हंगामा

फरीदपुर नगर पालिका में बोर्ड बैठक के दौरान मौजूद चेयरमैन, अधिकारी व सभासद। संवाद
फरीदपुर। नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में सभासदों ने शुक्रवार को जमकर हंगामा काटा। पालिका के अंतर्गत होने वाले निर्माण कार्यों में 40 फीसदी कमीशन लेने का आरोप लगाकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। हालांकि, अधिशासी अधिकारी ने इन आरोपों को झूठा बताया है।
नगर पालिका परिषद के चेयरमैन शराफत जरी वाले की अध्यक्षता में शनिवार को बोर्ड की हंगामेदार बैठक शुरू हुई। सभासदों ने बताया कि नगर पालिका ने 140 आउटसोर्सिंग कर्मचारी लगाए हैं लेकिन इनमें से अधिकतर कर्मचारी माननीयों के घरों पर काम कर रहे हैं। अगर कर्मचारी नगर पालिका के कार्य के सिवाय अन्य कहीं कार्य करेंगे तो प्रत्येक सभासद के घरों पर भी उन्हें काम करना होगा। कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि नगर पालिका में 3 वर्ष से अधिक एक पटल पर कर्मचारी नहीं रह सकता लेकिन फरीदपुर नगर पालिका में वर्षों से एक ही पटल पर कर्मचारी जमे हैं। केंद्रीयकृत कर्मचारी जिस नगर पालिका में हैं, वहां बाबू से लेखाकार्य नहीं कराया जा सकता लेकिन यहां बाबू से लेखा कार्य कराया जा रहा है। सभासदों का आरोप था कि पिछली बोर्ड की बैठक में हुए कार्यों के प्रस्ताव को अमल में नहीं लाया जा रहा। नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी मनमानी करते हैं। नगर की नई कॉलोनियों में बगैर बस्ती बसे ही नगर पालिका सड़कें बनवा रही है लेकिन जो मोहल्ले काफी पहले से बसे हैं, वहां सड़कें टूटी हैं। नगर पालिका के कर्मचारी प्रमोद शुक्ला की मौत के बाद उनके आश्रित को कई माह बीत जाने के बाद भी नियुक्ति नहीं दी। बैठक में प्रधान लिपिक आदेश शुक्ला, सभासद देवेंद्र सिंह टोनी, राजेश मामा, यासीन खां, मोहम्मद ताज, रंजीत सिंह चौहान, राजकुमार समेत तमाम सभासद रहे।
अधिशासी अधिकारी डॉ. नितिन कुमार गंगवार ने बताया कि सभासदों के कमीशन के आरोप पूरी तरह से गलत व निराधार हैं। आउटसोर्सिंग के कर्मचारी नगर पालिका में ही कार्यरत हैं। बोर्ड की बैठक में कोई हंगामा नहीं हुआ। सभासदों ने अपने प्रस्ताव रखे, उनको अमल में लाया जाएगा।



