Budaun News: पशुओं के इलाज को आईं 13 एंबुलेंस, बिना डॉक्टर के आठ आईसीयू में
– छह ब्लॉकों में सेवा जारी, लेकिन नौ ब्लॉकों में अब भी एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में किसानों के एक फोन पर पशुओं का उपचार कराने का सपना आज भी अधूरा है। एक माह पहले प्रदेश सरकार ने जिले को 13 मोबाइल वेटरनरी यूनिट एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई थी। उन पर ड्राइवर व मल्टीप्लस कर्मचारी भी तैनात कर दिए गए थे, लेकिन पर्याप्त डॉक्टर नहीं भेजे गए। इससे छह ब्लॉकों में सेवा शुरू हो पाई, लेकिन शेष नौ ब्लॉकों को इसका लाभ नहीं मिल का। नतीजतन डॉक्टरों के इंतजार में शेष आठ एंबुलेंस ब्लॉकों में खड़ी करा दी गईं।
प्रदेश सरकार ने एक माह पहले मोबाइल वेटरनरी यूनिट एंबुलेंस सेवा शुरू की थी। इसके तहत हेल्पलाइन नंबर 1962 भी जारी किया गया था। इस पर कॉल करने से तुरंत पशुओं का उपचार किया जाना था। इसके तहत सरकार की ओर से एक माह पहले 13 मोबाइल वेटरनरी यूनिट एंबुलेंस उपलब्ध करा दी गईं। बताया गया कि एक मोबाइल वेटरनरी यूनिट एंबुलेंस सेवा पर एक पशु चिकित्सक, एक ड्राइवर और एक मल्टीप्लस कर्मचारी तैनात रहेगा। सरकार की ओर से सभी मोबाइल वेटरनरी यूनिट एंबुलेंस पर मानक अनुसार स्टाफ की तैनाती कर दी गई, सिवाय डॉक्टर के।
यहां बता दें कि 13 डॉक्टरों के बजाय इन एंबुलेंस पर सिर्फ पांच डॉक्टर ही भेजे गए, जो अब छह ब्लॉक संभाल रहे हैं। शेष आठ एंबुलेंस आज भी ब्लॉकों में शोपीस बनी खड़ी हैं, जिससे नौ ब्लॉकों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। शुरुआती दौर में इन एंबुलेंस को जिला पशु चिकित्सालय पर खड़ा करा दिया गया था, लेकिन अब उन्हें ब्लॉक में ही खड़ा करा दिया गया है। इन एंबुलेंस पर तैनात स्टाफ भी नदारद है।
नौ ब्लॉकों को नहीं मिल रहा है एंबुलेंस सेवा का लाभ
जिले में केवल छह ब्लॉकों में ही मोबाइल वेटरनरी यूनिट एंबुलेंस सेवा मिल रही है। इनमें सालारपुर, बिसौली, बिल्सी, सहसवान, उझानी और कादरचौक शामिल हैं, जबकि जिले के ब्लॉक आसफपुर, अंबियापुर, दहगवां, दातागंज, समरेर, म्याऊ, जगत, उसावां और इस्लामनगर आदि में सेवा शुरू नहीं हो सकी है। यहां एक-एक मोबाइल वेटरनरी यूनिट एंबुलेंस खड़ी करा दी गई हैं।
एक मोबाइल वेटरनरी यूनिट एंबुलेंस सेवा पर एक डॉक्टर, एक ड्राइवर और एक मल्टीप्लस कर्मचारी तैनात होना चाहिए, लेकिन जिले को पर्याप्त डॉक्टर नहीं मिले हैं। इससे पांच ही मोबाइल वेटरनरी यूनिट एंबुलेंस सेवा शुरू हो सकी है, जबकि आठ शुरू नहीं हो पाई हैं। जब डॉक्टर आएं तो उनकी भी शुरुआत कराई जा सकती है। फिलहाल छह ब्लॉकों में एंबुलेंस सेवा जारी है।
– डॉ. निरंकार सिंह मलिक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी