Budaun News: खेत से सड़कों तक घूम रहे गोवंशीय पशु, लेकिन दावा- सिर्फ 1137 बचे

छुट्टा पशुओं को पकड़ते सीडीओ केशव कुमार।स्रोत-प्रशासन
कैबिनेट मंत्री के हैं सभी गोवंश को 31 दिसंबर तक गोआश्रय स्थलों में भिजवाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह की नाराजगी के बाद गोवंश को संरक्षित करने के लिए अधिकारियों ने ऐसी कागजी खानापूर्ति की कि कागजों में गोवंश की संख्या महज 1137 रह गई, जबकि यहां हर सड़क पर गोवंश घूमते देखे जा सकते हैं। अकेले शहर में ही हजारों गोवंश सड़कों पर हैं।
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने 31 दिसंबर तक सड़कों पर घूम रहे गोवंश को गोआश्रय स्थलों तक पहुंचाने का आदेश दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने सभी एसडीएम और नगर निकायों के ईओ, प्रधानों व सचिवों को गोवंश को गोआश्रय स्थल में भेजने के आदेश दिए। अब जबकि दी गई समय सीमा में महज चार दिन शेष हैं अब भी जिले में हजारों की संख्या में गोवंश सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। इसके विपरीत अधिकारियों का दावा है कि केवल 1137 गोवंश ही सड़कों पर हैं।
प्रशासन का कहना है कि एक नवंबर से 27 दिसंबर तक 3800 से अधिक पशुओं को संरक्षित किया गया। बता दें कि जिले के 250 आश्रय स्थलों में 30 हजार गोवंश रखने की क्षमता है। इसके सापेक्ष अब इन आश्रय स्थलों में करीब 33,500 गोवंश हैं। ऐसे में खुद ही समझा जा सकता है कि यहां क्या हाल होगा।
सीडीओ ने खुद संभाली कमान, पकड़े छुट्टा पशु
सड़कों पर अब भी गोवंश होने की जानकारी पर डीएम मनोज कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शत-प्रतिशत गोवंश को आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाए। इसके बाद बुधवार को सीडीओ समेत कई अधिकारी इस संबंध में जूझते दिखाए दिए। सीडीओ ने तो खुद कई पशुओं को पकड़ा।
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13 नए गोआश्रय स्थलों का हुआ निर्माण
गोवंश को संरक्षित करने के लिए जिले में 13 नए गोआश्रय स्थल बनाए गए, इसके बाद इनकी संख्या 250 हो गई। इसके बाद गोआश्रय स्थलों में 30 हजार गोवंश रखने की क्षमता का विभाग ने दावा किया। पशुपालन विभाग का यह भी दावा था कि जिले के 14 गोआश्रय स्थलों की क्षमता को बढ़ाया गया है, साथ ही नए गोआश्रय स्थल बनाने के लिए प्रस्ताव भी मांगे गए हैं।
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फैक्ट फाइल
जिले में गोआश्रय स्थल- 250
क्षमता- 30 हजार
संरक्षित गोवंश- 33,500
निराश्रित गोवंश- 1137
नए आश्रय स्थल बने- 13
विस्तारीकरण हुए- 14
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जिले में अब मात्र 1137 गोवंश ही पकड़े जाने से रह गए हैं। इनको भी गोआश्रय स्थलों में भिजवाया जा रहा है। कई गोआश्रय स्थलों का विस्तारीकरण भी किया गया है। नए गोआश्रय स्थल बनाने के लिए प्रस्ताव भी मांगे गए हैं। जल्द ही सभी गोवंश को गोआश्रय स्थलों में भिजवा दिया जाएगा।
– डॉ. मोहर सिंह, सीवीओ

छुट्टा पशुओं को पकड़ते सीडीओ केशव कुमार।स्रोत-प्रशासन

छुट्टा पशुओं को पकड़ते सीडीओ केशव कुमार।स्रोत-प्रशासन