Budaun News: हादसे में घायल युवक के इलाज में देरी, गई जान

उझानी अस्पताल में डॉक्टर के नहीं पहुंचने पर घायल गौतम को देखते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
उझानी (बदायूं)। गंगा स्नान कर बाइक से घर लौट रहे युवक की सड़क हादसे के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने से जान चली गई। रविवार सुबह सीएचसी की इमरजेंसी में डॉक्टर नदारद थे। इससे पहले एंबुलेंस घटना स्थल से चलने के बाद एक घंटे तक जाम में फंसी रही। वितरोई मोड़ के पास बाइक के सामने अचानक बंदर आ जाने से वह हादसे का शिकार हो गया था। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हादसा बरेली-मथुरा हाईवे पर रविवार सुबह करीब आठ बजे हुआ। मृतक किशनपाल उर्फ गौतम (27) कोतवाली क्षेत्र के गांव चेतूनगला के स्व. रामपाल यादव का इकलौता बेटा था। वह गंगा स्नान के लिए गया था। लौटते समय वितरोई मोड़ के पास हाईवे पर उसकी बाइक के सामने बंदर आ गया। उसे बचाने की कोशिश में वह फिसलकर बाइक समेत सड़क पर जा गिरा। हेलमेट न होने की वजह से उसके सिर में गंभीर चोट आई। एंबुलेंस उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर चली तो मंडी मोड़ के पास जाम में फंस गई। जैसे-तैसे करीब एक घंटे बाद एंबुलेंस अस्पताल पहुंची तो इमरजेंसी में डॉक्टर नदारद थे। स्वास्थ्य कर्मियों ने गौतम की हालत नाजुक बताते हुए चिकित्साधिकारी को दो बार कॉल की, लेकिन उन्हें इमरजेंसी तक पहुंचने में करीब आधा घंटा लग गया। इधर, चिकित्सा अधीक्षक राजकुमार गंगवार ने मौके पर आकर घायल को जिला अस्पताल रेफर किया। मृतक के परिजनों में सूरजपाल ने बताया कि समय रहते गौतम को इलाज मिल जाता तो जान बच सकती थी।
आठ महीने पहले हुई थी पिता की मृत्यु- चेतूनगला निवासी किशनपाल उर्फ गौतम के पिता रामपाल यादव की बीमारी के चलते करीब आठ माह पहले मृत्यु हो गई थी। गौतम ही अपनी मां मार्गश्री का इकलौता सहारा था। गौतम की दो संतान में छह साल का बेटा रोहित और एक साल की मासूम शिवानी है। हादसे में उसकी मौत के बाद से पत्नी सत्यवती और मां मार्गश्री बदहवास है। मासूम बच्चों को तो यह भी नहीं बताया गया कि उनके सिर से पिता का साया उठ गया है।

उझानी अस्पताल में डॉक्टर के नहीं पहुंचने पर घायल गौतम को देखते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद