Budaun News: डेंगू ने महिला समेत चार और की जान ली

अमर पाल। फाइल फोटो
बदायूं। आमगांव में एक ही दिन में डेंगू से एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि बिसौली में एक युवक ने दम तोड़ दिया। इधर, मंगलवार को आई रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग को नौ मलेरिया पीवी व एक पीएफ मलेरिया का मरीज मिला। डेंगू के आठ मरीज मिले हैं।
जिले में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जगत ब्लाॅक के गांव आमगांव निवासी सत्यभान (55) को चार दिन पहले बुखार आया था। परिवार वालों ने निजी अस्पताल में उनको भर्ती कराया, जहां डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान सोमवार शाम को उनकी मौत हो गई। गांव निवासी भूरानी (35) को बुखार आने पर निजी चिकित्सक के यहां दवा दिलाई गई। डेंगू की पुष्टि होने पर उनका इलाज कराया गया लेकिन सोमवार दोपहर बाद उनकी मौत हो गई। इसी गांव के रहने वाले इंटू सिंह (24) को तीन दिन पहले बुखार आया। इलाज के दौरान सोमवार शाम उनकी मौत हो गई।
इसके अलावा बिसौली क्षेत्र के गांव दिसौलीगंज निवासी अमरपाल (36) वर्ष की डेंगू से मौत हो गई। परिवार वालों ने बताया कि उन्हें दस दिन पहले बुखार आया था। जांच में प्लेटलेट्स कम होने पर उनको बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज दौरान सोमवार शाम मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग ने कोई कैंप नहीं लगाया है। गांव में लगातार संक्रमण से मौत हो रही हैं। इधर, मंगलवार को अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्र के प्राप्त रिपोर्ट में आठ मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई, वहीं 10 मरीज मलेरिया के पाए गए हैं। जिले में अब डेंगू के मरीजों की संख्या 331 हो गई है।
दिसौलीगंज में सोमवार को हुई छठी मौत
बिसौली। क्षेत्र के गांव दिसौलीगंज, खुर्रमपुर भमोरी, न्योली हरनाथपुर, पाठक बेहटा, गदगांव, खजुरिया, अखतरा, सिंगथरा आदि गांव में बुखार का प्रकोप है। इन गांवों में तमाम लोग बुखार से पीड़ित है जो निजी चिकित्सकों के यहां इलाज करा रहे हैं। इधर,स्वास्थ्य विभाग से लेकर पंचायत विभाग की लापरवाही से जल भराव होने से संक्रमण फैल रहा है। दिसौलीगंज में अब तक बुखार से अमरपाल सहित छह लोगो की मौत हो चुकी है।
रहें सावधान… दिसंबर तक सताएगा डेंगू का डंक
बदयूं। आमतौर पर डेंगू का मच्छर नवंबर तक खत्म हो जाता है, लेकिन इस बार यह उम्मीद कम ही है। डेंगू के अब रोजाना 10-12 मरीज मिल रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील और संदिग्ध लक्षण मिलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने के लिए कहा है। डीएमओ डॉ. योगेश सारस्वत के मुताबिक मच्छरों के पनपने के लिए 24 से 34 डिग्री सेल्सियस का तापमान अनुकूल होता है। फिलहाल तापमान इसी के आसपास ही हो रहा है। लार्वा को पनपने के लिए पिछले दिन की बारिश से जलभराव भी वजह है। कहा कि जब अधिकतम तापमान 22-23 डिग्री सेल्सियस या इससे कम होगा तो लार्वा नष्ट हो जाएंगे, ऐसी उम्मीद है।
जांच में 80 फीसदी बुखार पीड़ितों की कम मिली रहीं प्लेटलेट्स
– जिला अस्पताल के जांच केंद्र के अनुसार, इस समय करीब 80 प्रतिशत बुखार पीड़ितों की जांच में उनकी प्लेटलेट्स 50 हजार से डेढ़ लाख के बीच निकल रही हैं, जबकि 10 प्रतिशत लोगों में यह संख्या डेढ़ से दो लाख के बीच है। केवल दस प्रतिशत लोगों में ही 20 से 50 हजार तक प्लेटलेट्स निकल रही हैं। इससे मिलता जुलता आंकड़ा ही शहर की कुछ चुनिंदा प्राइवेट लैब का भी है।
ईएमओ डॉ. नितिन कुमार सिंह के अनुसार, केवल डेंगू में ही नहीं बल्कि वायरल में भी प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं लेकिन यह वायरस की क्रियाशीलता पर निर्भर करता है कि वह कितना ताकतवर है। यदि वायरस ताकतवर है तो वह प्लेटलेट्स कम करेगा। डेंगू में प्लेटलेट्स तेजी से कम होती हैं लेकिन यह तभी होता है जब लक्षण विकसित होते हैं। डेंगू के वायरस का समय नौ दिन का होता है। चार दिन बुखार रहने के बाद मरीज में पांचवें दिन प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं।
बेपरवाही… घरों में मिल रहा डेंगू का लार्वा
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की डीबीसी टीमों को हर दिन घरों के सर्वे में 50 से 100 से ज्यादा घरों में लार्वा मिलने की पुष्टि हो रही है, जिसे टीमें मौके पर नष्ट करा रही हैं। घर में जलभराव न हो इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिले में अब तक 1.43 लाख घरों के सर्वे में 7573 घरों में डेंगू के लार्वा मिल चुके हैं। सोमवार को ब्लॉक समरेर के ग्राम झुक्सा में लार्वा सोर्स रिडक्शन किया गया।
दस्तक अभियान का किया निरीक्षण
बदायूं। ब्लॉक सलारपुर के ग्राम हुसैनपुर में वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक नीरज पाल ने मलेरिया निरीक्षक अमित कुमार तिवारी व शुभम मिश्रा के साथ भ्रमण किया। गांव में ग्राम प्रधान के माध्यम से ग्राम वासियों को मच्छर जनित बीमारियो से बचने हेतु जानकारी प्रदान की गई । आशा बहन के साथ घर-घर भ्रमण किया गया। संचारी रोग अभियान, दस्तक अभियान का निरीक्षण किया गया। गांव में जगह-जगह संचारी रोग नियंत्रण अभियान के पोस्टर चिपकाए गए और लार्वा सोर्स रिडक्शन का कार्य किया गया।

अमर पाल। फाइल फोटो

अमर पाल। फाइल फोटो


