Budaun News: गहराने लगा बिजली संकट, न दिन को चैन और न रात को आराम
बदायूं। शासन स्तर से भले ही बिजली सुधार के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जिले में बिजली आपूर्ति की स्थिति बदतर है। यहां दिन में तो कटौती हो ही रही है, रात में भी बिजली नहीं मिल रही है। पहले ग्रामीण इलाकों में 15-16 घंटे बिजली मिल रही थी, लेकिन अब आठ-दस घंटे ही आ रही है।
शासन के अनुसार शहरी इलाके में 24 घंटे और ग्रामीण इलाके में 18 घंटे बिजली देने का प्रावधान है, लेकिन प्रदेश की कई इकाइयों में उत्पादन बंद होने से हालात खराब हो गए हैं। शहर से लेकर गांव तक का शेड्यूल बदल दिया गया है। शहर में भी रोजाना चार-पांच घंटे की कटौती हो रही है। इससे लोग परेशान हैं। लघु उद्योगों पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीण इलाकों की बात करें तो वहां और ज्यादा बुरे हालात हैं। जहां लोग शाम के समय आराम से खाना खा रहे थे। अब वहां शाम के समय अंधेरा हो जाता है। फिर कई घंटे तक बिजली नहीं दी जाती है। शाम छह बजे से लेकर रात दस बजे तक बिजली गायब रहती है। दस बजे कुछ देर के लिए बिजली आती है। फिर पूरी रात गायब रहती है।
कुंवरगांव क्षेत्र के हालात और ज्यादा खराब
कुंवरगांव। कुंवरगांव विद्युत उपकेंद्र को आंवला से बिजली आपूर्ति की जाती है। बिजली के तार जर्जर होने के कारण रोज ही इनमें फाल्ट होता है, जिससे कस्बा व देहात में तो लंबे समय से हालात बदतर बने हुए हैं। दिन भर ट्रिपिंग की दिक्कत रहती है। फाल्ट के नाम पर घंटों बिजली काट दी जाती है। दिन भर की कटौती के बाद अब कुछ दिनों से रात के समय भी बिजली नहीं मिल पा रही है। कुंवरगांव समेत देहात के गांव हसनपुर, नंदगांव, दुगरईया, कैली, बनगढ़, युसुफनगर, असिर्स बर्खिन, हरहरपुर समेत कई गांवो में रात को अघोषित कटौती जारी है। रोज की तरह मंगलवार रात को भी करीब आठ बजे बिजली चली गई। करीब डेढ़ घंटे बाद सप्लाई दी गई। एक घंटे बाद बिजली फिर चली गई। जो डेढ़ घंटे कटौती के बाद फिर से सप्लाई मिली।
दबतोरी में चार दिन से बिजली व्यवस्था ध्वस्त
दबतोरी। क्षेत्र में चार दिन से बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है। लगातार अघोषित बिजली कटौती से क्षेत्र की जनता काफी परेशान है। आसफपुर विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों में करेंगी फीडर से बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा परवेजनगर विद्युत उपकेंद्र से परसिया अहरौली, अहरौला, अतरपुरा, करखेडी समेत दर्जनों गांवों में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। लक्ष्मीपुर, बीधानगला, भरतपुर, पुरवा खेड़ा, सिरसांवा, करलावाला, ललुआनगला, मुंसियानगला, दौलतपुर, संग्रामपुर आदि गांवों में शाम छह बजे के बाद सुबह सात बजे तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है।
चार घंटे भी लगातार नहीं मिलती बिजली
सहसवान। शहर के नगरीय क्षेत्रों में 21 घंटे बिजली देने के आदेश हैं। यहां फाल्ट होने पर तो व्यवस्था बिगड़ती ही है। साथ ही बिना फाल्ट के चार-पांच घंटे कटौती कर दी जाती है। इस समय नगरीय क्षेत्र को केवल 14-15 घंटे ही बिजली मिल रही है।
अधिकारी-कर्मचारी नहीं उठाते फोन
बिसौली। तहसील क्षेत्र में बिजली समस्या लगातार बढ़ रही है। जहां लोग इस समय बीमारियों से जूझ रहे हैं। वहीं बिजली कटौती से लोगों का बुरा हाल है। क्षेत्र में केवल छह-सात घंटे ही बिजली मिल रही है। और तो और बिजली अधिकारी और कर्मचारी कॉल तक उठाना जरूरी नहीं समझ रहे हैं।