Budaun News: मेला ककोड़ा से अब मीना बाजार भी सिमटने लगा


ककोड़ा मेले में सिलवट्टा खरीदकर ले जाते लोग। संवाद
कादरचौक। मेला ककोड़ा से अब व्यापारियों के लौटने का दौर शुरू हो गया है। झूले और सर्कस उखड़ गए हैं, अब मीना बाजार भी धीरे-धीरे सिमटने लगा है। हालांकि आसपास गांवोंं के लोग मेले में खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को वापसी से पहले लोगों ने गंगा स्नान किया।
गंगा की कटरी में लगने वाला रुहेलखंड का प्रसिद्ध मेला ककोड़ा अब उखड़ने लगा है। दूरदराज से आए झूले, सर्कस वालों ने सामान समेटना शुरू कर दिया है। एक-दो दिन में मेला पूरी तरह से उखड़ जाएगा, हालांकि अभी मीना बाजार में स्थानीय लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। उनके द्वारा जमकर खरीदारी की जा रही है। ऐसे में व्यापारियों के चेहरे चमक रहे हैं।
ठंड बढ़ने से मेले में गर्म कपड़ों की भी खूब खरीदारी हो रही है। सिल-बट्टा, लकड़ी का सामान, खेती के औजार भी खरीदे जा रहे हैं। जिला पंचायत के अनुसार चार दिसंबर को मेला ककोड़ा से झंडी वापस ककोड़ देवी मंदिर में पहुंच जाएगी। इसके साथ ही मेले का विधिवत समापन हो जाएगा।
रात में पसर जाता है सन्नाटा
मेले से रात की रौनक अब पूरी तरह गायब हो गई है। आसपास गांवों के लोग शाम को मेले से लौट जाते हैं। इसके बाद सन्नाटा पसर जाता है। सिर्फ दुकानदार ही मेले में रह जाते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए मेला कोतवाली में पुलिस भी रहती है।

ककोड़ा मेले में सिलवट्टा खरीदकर ले जाते लोग। संवाद



