Budaun News: तारबंदी का काम पूरा… 50 हेक्टेयर में जल्द बनेगा जैव विविधता पार्क

उझानी में यहां बन रहा है बायोडायवर्सिटटी पार्क। संवाद
– वन विभाग की देखरेख में 6.64 करोड़ रुपये की लागत से होना है काम
– बारिश की वजह से करीब दो महीने से नहीं पकड़ पाया था रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। बारिश के कारण रुका बायोडायवर्सिटी (जैव विविधता) पार्क का निर्माण कार्य जल्द ही रफ्तार पकड़ लेगा। इसके लिए चयनित 50 हेक्टेयर रकबे में तारबंदी का काम पूरा हो गया है। पार्क को वर्ष-26 तक बनाकर तैयार किया जाना है।
केंद्र सरकार ने बरेली मंडल में जैव विविधता पार्क बनाने का निर्णय किया तो इसके लिए उझानी ब्लॉक क्षेत्र में कटरी के पास बरेली-मथुरा हाईवे पर दहेमू ग्राम के पास 50 हेक्टेयर भूमि चयनित की गई। शासन स्तर से निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए करीब 6.64 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। फिलहाल चयनित भूमि पर तारबंदी का काम पूरा किया जा चुका है।
पार्क के पीछे सरकार की मंशा गंगा किनारे के इलाके को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करना है। पार्क में दो जोन होंगे। एक विजिटर्स यानी अतिथि जोन और दूसरा नेचर कंजर्वेशन यानी प्रकृति संरक्षण जोन। विजिटर्स जोन में पार्किंग स्थल, पर्यटकों के ठहरने, घूमने समेत अन्य व्यवस्थाएं होंगी। नेचर कंवर्जेशन जोन गंगा के मैदानी इलाकों में पाई जाने वाली वनस्पतियों, जीव-जंतुओं के लिए आरक्षित रहेगा।
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विलुप्त होती प्रजातियों को मिलेगा संरक्षण
बदायूं जिले में गंगा करीब 130 किलोमीटर दायरे से होकर गुजरती है। गंगा समेत तटवर्ती इलाके में कई प्रकार की वनस्पति भी हैं। तटवर्ती इलाके में खासकर सहसवान इलाके में ब्लैक बक भी पाए जाते हैं। गंगा में डॉल्फिन नजर आ चुकी हैं। वन विभाग के रिकार्ड में इस प्रजाति की बड़ी मछली दर्ज है। प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा भी देखने का मिल चुका है। बता दें कि वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की टीम ने जनवरी- 2021 में नरौरा से कछला होते हुए उसहैत के अटैना तक गंगा में सर्वे किया था। इस दौरान गंगा में नौ स्थानों पर डॉल्फिन के साथ ही दुर्लभ प्रजाति के कछुओं को भी देखा गया था।
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गंगाघाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को करेगा आकर्षित
जैव विविधता पार्क गंगाघाट से करीब चार किलोमीटर उझानी की ओर बन रहा है। गंगाघाट पर बदायूं, बरेली, कासगंज और हाथरस ही नहीं, बल्कि राजस्थान और मध्यप्रदेश से भी श्रद्धालु आते हैं। घाट पर फिलहाल कोई ऐसा स्थान नहीं है, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित कर सके। बायोडवर्सिटी पार्क बन जाने के बाद श्रद्धालुओं को एक ही इलाके में प्राकृतिक नजारे का लुत्फ उठाने को मिलेगा।
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दहेमू के पास इलाके में जैव विविधता पार्क का निर्माण कार्य चल रहा है। तारकशी का काम पूरा हो चुका है। बारिश की वजह से काम प्रभावित हुआ था, लेकिन फिलहाल अब कोई दिक्कत नहीं है। उम्मीद है कि निर्माण कार्य अगले दो साल में पूरा हो जाएगा।
-अशोक कुमार सिंह, डीएफओ

उझानी में यहां बन रहा है बायोडायवर्सिटटी पार्क। संवाद