Budaun News: पीएम आवास घोटाले में प्रधान, सचिव समेत सात पर होगी एफआईआर
बदायूं। दातागंज ब्लाॅक क्षेत्र के बक्सेना गांव में हुए प्रधानमंत्री आवास घोटाले के मामले में डीएम मनोज कुमार ने ग्राम प्रधान, सचिव, पूर्व प्रधान और रोजगार सेवक समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
बक्सेना गांव में 33 अपात्र लोगों को आवास दे दिए गए थे। कुछ ऐसे नाम भी सामने आए थे, जिस नाम के व्यक्ति गांव में थे ही नहीं। एक-एक व्यक्ति को दो-दो आवास भी दे दिए गए थे। इसकी जांच में पूरा खुलासा हुआ है।
ग्राम बक्सेना निवासी श्रीनिवास ने 13 जून को डीएम से शिकायत की थी कि उनके गांव में अधिकतर अपात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास दे दिया गया है जबकि पात्र लोगों को आवास नहीं दिया गया। इसकी जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इसकी जांच के बाद पता चला कि गांव में एक-दो नहीं पूरे 33 अपात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिया गया था। उनके खाते में धनराशि भी ट्रांसफर कर दी गई थी।
इसमें मीरा देवी पत्नी धनपाल के नाम भी आवास स्वीकृत किया गया था लेकिन मीरा देवी की मृत्यु के उपरांत ब्लाॅक स्तर से हेरफेर करते हुए पान सिंह पुत्र हेम सिंह के नाम आवास स्वीकृत कर दिया गया जबकि पान सिंह पुत्र धनपाल नाम का कोई व्यक्ति गांव में रहता ही नहीं था। इसके अलावा चमेली पत्नी निहाल सिंह को वर्ष 2006-7 में आवास मिला था लेकिन इस बार भी उनका आवास स्वीकृत कर दिया गया था।
इसमें यह भी पाया गया कि आवास आवंटन के दौरान रोजगार सेवक, उसका पति ओमप्रकाश, कैफे संचालक, ग्राम प्रधान कल्याण कश्यप, पूर्व प्रधान गजेंद्र पाल सिंह, सेवा निवृत्त डाकिया महेश सिंह द्वारा अवैध रूप से धनराशि वसूली गई। इसमें सचिव और ब्लाॅक के पटल सहायक की मिलीभगत रही।
इनको दिया गया था आवास
सोनकली, याकूब, रमजानी, जाहिदा, सत्यदेव, वीरपाल, आशा देवी, शेर सिंह, शेर बहादुर, सुनीता, विक्कर, चमेली देवी, वीरेंद्र, सुरेंद्र, विमला देवी, कमलेश, ऊषा, चंद्रपाल, रज्जाक, महीपाल, श्रीनिवास, लाल मोहम्मद, पप्पू, धनपाल, रीनू देवी, सुरेंद्र, भगवती, पुष्पेंद्र, अन्नू, पूनम, कमल प्रकाश, राजवीर और रामप्रसाद शर्मा को आवास दिए गए थे।