Budaun News: गंगा का अभी रुख साफ नहीं, मेला ककोड़ा में बनेंगे तीन घाट

मेला ककोड़ा में यह जगह कुर्मियान क्षेत्र के लिए चयनित की गई।
कादरचौक। मेला ककोड़ा को भव्य रूप देने के लिए जिला पंचायत ने तेजी से काम शुरू करा दिए हैं। गंगा का रुख स्पष्ट न होने के कारण इस बार तीन घाट बनाए जा रहे हैं, साथ ही सड़क की नापजोख भी की जा रही है। एक साइड से सड़क बनाने के लिए निशान भी लगाए जा रहे हैं।
मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध मेला ककोड़ा को लेकर अधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला पंचायत के अधिकारियों के अनुसार 15 दिनों से गंगा का रुख स्पष्ट नहीं हो रहा है। ऐसे में मुख्य घाट बनाने को लेकर दुविधा है। इसकी वजह से तीन घाट बनाने का निर्णय लिया गया है। इनमें से एक घाट मेले के मध्य में बनाया जाएगा, जबकि एक घाट कुर्मियान और दूसरा बरेली क्षेत्र में बनाया जाएगा। मौजूदा समय में गंगा का बहाव कुर्मियान और बरेली क्षेत्र की ओर है।
ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इन दोनों में से ही एक को मुख्य घाट बनाया जा सकता है। गंगा का जलस्तर भी बढ़ गया है। बाढ़ खंड के एई नरेशपाल के अनुसार प्रत्येक साल नवंबर के प्रथम सप्ताह में नहरों को साफ किया जाता है। लिहाजा गंगा से नहरों के लिए पानी की आपूर्ति बंद रहती है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ जाता है, हालांकि 10 नवंबर तक जलस्तर सामान्यय हो जाएगा।
बरेली क्षेत्र में खड़ा है 100 बीघा गन्ना
मेला ककोड़ा में जिस तरफ बरेली क्षेत्र का मेला लगेगा, उस तरफ अभी करीब 100 बीघा गन्ना खड़ा है। इसे काटने के लिए जिला पंचायत के अधिकारी किसानों से संपर्क कर उनसे जल्द से जल्द गन्ना काटकर भूमि खाली करने के लिए कह रहे हैं।
कुर्मियान क्षेत्र है इस बार बेहतर
पिछली बार कुर्मियान क्षेत्र में जहां पर मेला लगा था, वहां पर काफी दलदल था, साथ ही गन्ना खड़ा था। इसकी वजह से जिला पंचायत को वहां मेला लगाने के लिए जमीन ठीक करने के लिए काफी परिश्रम करना पड़ा। इस बार हालात अनुकूल हैं। यह क्षेत्र बिल्कुल साफ-सुधरा है। जिला पंचायत के एई मासूम रजा ने बताया कि मेला ककोड़ा को लेकर काम शुरू हो गया है। गंगा के बहाव को ध्यान में रखते हुए तीन घाट बनाए जा रहे हैं। सड़क बनाने को लेकर भी काम किया जा रहा है।

मेला ककोड़ा में यह जगह कुर्मियान क्षेत्र के लिए चयनित की गई।

मेला ककोड़ा में यह जगह कुर्मियान क्षेत्र के लिए चयनित की गई।