Budaun News: कई घर गंगा में समाए… कई कगार पर

अहमद नगर बछौरा में कटान देखते ग्रामीण। संवाद
ग्रामीणों ने कहा- सिर्फ औपचारिकता निभा रहे बाढ़ खंड विभाग के अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं/ उसहैत। उसहैत और सहसवान में कई घर गंगा नदी की बाढ़ में समा चुके है और कई कगार पर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यहां पर बाढ़ खंड के अधिकारी केवल औपचारिकता निभा रहे हैं, जिसकी वजह से लगातार कच्चे-पक्के घर कटान की भेंट चढ़ रहे हैं। कुछ दिन पहले उसहैत में पथरामई तटबंध पर बहुत तेजी से कटान हुआ था लेकिन इसे बचा लिया गया, पर अहमदनगर बछौरा में विभाग असफल साबित हो रहा है।
जिले से होकर निकल रही गंगा नदी में पिछले पांच दिनों में पानी तेजी से पानी कम हुआ है। यहां पर 24 अगस्त को कछला का गेज 162.64 मीटर दर्ज किया था जो घटकर 162.20 पर पहुंच गया है। ऐसे में कटान ने तेजी पकड़ ली है। हालात ये हैं कि उसहैत क्षेत्र में पिछले पांच दिनाें में करीब 20 से ज्यादा घर नदी में समा चुके हैं, साथ ही कई कटने की कगार पर है।
इधर, बाढ़ खंड के अधिकारी अहमद नगर बछौरा में कटान रोकने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसका नतीजा दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां विभाग केवल औपचारिकता निभा रहा है। ग्रामीण शब्बीर, निहालुद्दीन, वीरसहाय, बुधपाल आदि का कहना है कि अगर विभाग चाहता तो कई घरों को कटने से रोक सकता था।
निक्कू, जहरून, मेहंदी आदि ग्रामीणों का कहना है कुछ समय पहले कटान की रफ्तार काफी तेज थी। इससे पथरामई तटबंध कटना शुरू हो गया था। अगर यह कट जाता तो बदायूं के अलावा शाहजहांपुर जिले के भी कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते। ऐसे में कटान को रोकने के लिए अधिकारी दिन-रात जुटे रहे ऐसे में तटबंध कटने से बच गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उस मेहनत का कुछ प्रतिशत काम भी गांवों में हो जाता तो कई मकान कटने से बच सकते थे।
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बैराजों से छोड़ा गया पानी
-नरौरा-107213 क्यूसेक
-बिजनौर-52716 क्यूसेक
-हरिद्वार-76183 क्यूसेक
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-कछला पर खतरे का निशान 162 मीटरगेज पर
-कछला में गंगा बह रही 162.20 मीटरगेज पर
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बाढ़ग्रस्त इलाके में पहुंची टीम ने कई लोगों का किया उपचार
बदायूं/उसहैत। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र असमया रफतपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम के नहीं पहुंचने की बात को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार को गांव पहुंची। बीमार लोगों का इलाज किया, साथ ही दवाइयों का वितरण किया।
यहां बता दें कि जिले में प्रशासन की नजर में 27 गांव ही बाढ़ग्रस्त है। प्रशासन का दावा है कि स्वास्थ्य, मलेरिया विभाग, जिला पंचायती राज कार्यालय के कर्मचारी लगातार यहां पहुंचकर काम कर रहे है। जिला प्रशासन रोजाना इसको लेकर अपडेट भी जारी करता है।
इन बाढ़ग्रस्त गांवों में उसहैत का अमसया रफतपुर भी शामिल है। यह गांव टापू बना हुआ है। जब अमर उजाला टीम गांव यहां पहुंची थी तो ग्रामीणों ने बताया था कि यहां स्वास्थ्य विभाग, मलेरिया विभाग, जिला पंचायती राज कार्यालय से कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा है। गांव के संबंध में प्रशासन के दावे झूठे हैं। ऐसे में ग्रामीणों के दर्द को अखबार में प्रकाशित किया गया तो जिम्मेदारों की नींद टूटी और सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां पहुंची और बीमारों का इलाज किया। संवाद

अहमद नगर बछौरा में कटान देखते ग्रामीण। संवाद

अहमद नगर बछौरा में कटान देखते ग्रामीण। संवाद