बदायूं

Budaun News: स्कूल की बस-वैन भिड़ंत मामले में नप सकते हैं कई अधिकारी-कर्मचारी

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बदायूं। उसावां में स्कूल बस-वैन भिड़ंत में चार बच्चों समेत पांच की मौत के मामले की समिति ने जांच पूरी कर ली है। इसमें शिक्षा विभाग से लेकर जल निगम, लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। सबसे ज्यादा लापरवाही शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी की सामने आई है। अगर इसमें ठीक से कार्रवाई हुई तो कई अधिकारी व कर्मचारियों पर गाज गिरेगी। फिलहाल जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एडीएम प्रशासन को दे दी है। इसे कार्रवाई के लिए डीएम के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा।

म्याऊ-हजरतपुर रोड पर 30 अक्तूबर को सुबह करीब आठ बजे एसआरपीएस इंग्लिश मीडियम स्कूल की वैन और सत्यदेव विद्यापीठ इंटर कॉलेज की बस टकरा गई थी। हादसे में वैन सवार चार बच्चों और वैन चालक की मौत हो गई थी, जबकि कई बच्चे घायल हो गए थे। उसी दिन डीएम मनोज कुमार ने कमेटी गठित कर इसकी गंभीरता से जांच के आदेश दिए थे।

कमेटी के अध्यक्ष सिटी मजिस्ट्रेट रामजी लाल ने सदस्य लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन मनीष कुमार और डीआईओएस प्रवेश कुमार के साथ सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की। उन्होंने मौके पर जाकर सड़क की लंबाई-चौड़ाई से लेकर स्कूल का रजिस्ट्रेशन, अध्यापक, प्रबंधक, वैन, उसमें कितने बच्चे सवार थे, कितने बच्चे होने चाहिए थे, कौन सी कक्षा में पढ़ रहे थे, शिक्षा विभाग की क्या लापरवाही रही, हादसे के बाद विभाग की ओर से क्या कार्रवाई हुई, जल निगम, लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग की क्या लापरवाही रही, आदि की जांच की।

कमेटी ने अपनी जांच में मुख्य रूप से शिक्षा विभाग और उसके खंड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदार माना है। दूसरी लापरवाही जल निगम के अधिकारियों की रही, जिस गड्ढे की वजह से हादसा हुआ, उसे पाइप लाइन डालने के बावजूद पटवाया नहीं गया था। अधिकारियों ने सब कुछ पीएनसी कंपनी पर छोड़ दिया था। ऐसी तमाम लापरवाही को जांच रिपोर्ट में शामिल किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार, जांच रिपोर्ट एडीएम प्रशासन वीके सिंह को दे दी गई है। उनके द्वारा डीएम के पास पहुंचने के बाद शासन को भेज दी जाएगी। उसके बाद इसमें कार्रवाई हो सकती है।

गड्ढे से 80 सेंटीमीटर घट गई थी सड़क की चौड़ाई

म्याऊ-हजरतपुर रोड पर जिस जगह पर हादसा हुआ था, वहां गड्ढे की वजह से सड़क की चौड़ाई केवल चार मीटर 70 सेंटीमीटर पाई गई, जबकि सड़क की चौड़ाई साढ़े पांच मीटर है। वहां सड़क पर घुमाव भी था। इससे सड़क और ज्यादा खतरनाक हो गई थी। इसके बावजूद इसे नजर अंदाज कर दिया गया।

हादसे के बाद खंड़ शिक्षा अधिकारी ने चस्पा कराया था नोटिस

– एसआरपीएस इंग्लिश मीडियम स्कूल बिना मान्यता के चल रहा था। इसके बारे में शिक्षा विभाग को जानकारी थी, लेकिन स्कूल बंद नहीं कराया गया और न ही मौके पर जाकर चेक किया गया। कभी यह भी नहीं देखा कि स्कूल में कितने बच्चे हैं, उनका भविष्य क्या है, वह किस साधन से स्कूल पहुंचते हैं, कहां-कहां के बच्चे पढ़ रहे हैं। हादसे के दो-तीन दिन बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल के बाहर नोटिस चस्पा कराया था।


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