Budaun News: अब न चूहे कुतर सकेंगे और न दीमक चट कर सकेगी सरकारी दस्तावेज

सदर तहसील में लगाए गए कॉमपैक्टर। संवाद
बदायूं। जिले की सभी तहसीलों में सरकारी अभिलेखों को अब लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कॉम्पैक्टर लगाए गए हैं। अब न चूहे दस्तावेज कुतर सकेंगे और न दीमक उन्हें चट कर सकेगी। कॉम्पैक्टर एक विशेष प्रकार की अलमारी है, इसमें डबल लॉक का सिस्टम है। इसमें दस्तावेज ढूंढने के लिए कर्मचारियों को इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें कंप्यूटर पर फाइल का नाम दर्ज करना पड़ेगा। इसके बाद तुरंत पता चल जाएगा कि संबंधित फाइल कौन से कॉम्पैक्टर में रखी है।
जिला प्रशासन की ओर से सभी तहसीलों में दस्तावेजों के अनुसार कॉम्पैक्टर लगाए गए हैं। जिन तहसीलों में ज्यादा दस्तावेज यानी ज्यादा रिकॉर्ड मौजूद है, वहां अधिक कॉमपैक्टर लगाए गए हैं। सभी तहसीलों में इनमें दस्तावेज रखने भी शुरू कर दिए गए हैं। राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कॉम्पैक्टर का साइज काफी बड़ा है। एक कॉम्पैक्टर में ही एक दफ्तर की सभी फाइलें आ सकती हैं।
इसमें डबल लॉक का सिस्टम है। लॉक खोलने की अनुमति हर किसी को नहीं दी गई है। यहां कंप्यूटर का जानकार कर्मचारी नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि इन कॉम्पैक्टर में जो-जो दस्तावेज रखे गए हैं, उनका पूरा विवरण कंप्यूटर में अपलोड कर दिया गया है। कौन से कॉम्पैक्टर में और उसकी कौन सी पंक्ति में कौन सी फाइल रखी गई है, यह सब कंप्यूटर पर अपलोड कर दिया गया है। इससे फाइल ढूंढने के लिए सभी दस्तावेज इधर-उधर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कुछ ही मिनटों में फाइल हाथ में होगी।
दीमक और चूहों से भी सुरक्षित रहेंगी फाइलें
– अक्सर सरकारी कार्यालयों में दस्तावेज यानी रिकॉर्ड को चूहे और दीमक ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। कभी-कभी तो जरूरी दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। कॉम्पैक्टर में रखी फाइलों तक अब चूहों और दीमक का पहुंचना मुश्किल है। बाहर से उसमें हवा तक नहीं जा सकती।
– जिले की सभी तहसीलों में कॉम्पैक्टर लगवाए गए हैं। यह डिजिटल अलमारी है। इसमें डबल लॉक है। इससे दस्तावेज ज्यादा सुरक्षित रहेंगे। यह दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए ही लगवाए गए हैं। – मनोज कुमार, डीएम

सदर तहसील में लगाए गए कॉमपैक्टर। संवाद