Budaun News: ओपीडी खुली पर डॉक्टर नहीं… भटक रहे मरीज

05बीडीएन24-जिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ा डॉक्टर का कक्ष। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल में दिन-ब-दिन अव्यवस्थाएं हावी होती जा रही हैं। मरीज पर्चा बनवाकर ओपीडी कक्षों के बाहर भटक रहे हैं, लेकिन डॉक्टर हैं ही नहीं। वजह है कि यहां बाहर से आने वाले डॉक्टर महीने में कुछ दिन ही दिखाई देते हैं। वह भी हाजिरी लगाने के बाद ओपीडी से चले जाते हैं। डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। मरीजों की शिकायतों के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 500 से 600 मरीज आते हैं। ओपीडी का पर्चा बनवाने के लिए उनको घंटों लाइन में लगना पड़ता है इसके बाद ओपीडी में डॉक्टरों के इंतजार में मरीज खड़े रहते हैं। ऐसे में मरीजों को पता चलता है कि जिस बीमारी का इलाज कराने वह आए हैं, उस मर्ज के विशेषज्ञ बाहर हैं। आए दिन मरीजों को बिना इलाज के वापस जाना होता है। शुक्रवार सुबह 11 बजे ओपीडी का हाल देखा गया तो ओपीडी सिर्फ एक ही डॉक्टर के हवाले थी। बाकी डॉक्टरों के केबिन में ताले पड़े हुए थे।
बाल रोग ओपीडी खुली, मगर नहीं थे चिकित्सक
शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे बाल रोग ओपीडी खुली थी। मगर, वहां न तो चिकित्सक थे और न ही स्टाफ। इस वजह से जो लोग बीमार बच्चों को लेकर आए वह खाली कुर्सी देखकर वापस चले गए। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. सुकुमार अग्रवाल ने बताया कि वह जरूरी कार्य से एनआरसी में गए थे, इसलिए ओपीडी खाली थी।
हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष में पड़ा था ताला
शुक्रवार को सुबह 11 बजकर पांच मिनट पर हड्डी रोग विशेषज्ञ के केबिन में भी ताला पड़ा था। उनके बारे में पूछा गया तो कर्मचारी कुछ नहीं बता पाए। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वागीश वार्ष्णेय से फोन पर जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा के अवकाश की वजह से ओपीडी जल्द बंद हो गई थी।
वरिष्ठ फिजीशियन के केबिन में लटका ताला
वरिष्ठ फिजीशियन के केबिन को देखा गया तो वहां केबिन खुला था, लेकिन डॉक्टर नहीं थे। उनको दिखाने के लिए कई मरीज आए थे, लेकिन ताला देखकर ओपीडी संभालने वाले अकेले डॉक्टर के ही केबिन में चले गए। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजीव गुप्ता से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को उनकी नाइट ड्यूटी थी, इसलिए ड्यूटी कर वह सुबह अपने आवास पर चले आए थे।
चर्म रोग विशेषज्ञ भी नहीं पहुंचे अस्पताल
शुक्रवार को चर्म रोग विशेषज्ञ के केबिन में भी ताला पड़ा था। पूछने पर स्टाफ ने बताया कि चर्म रोग विशेषज्ञ बरेली में रहते हैं। वह ड्यूटी पर नहीं आए हैं, इसलिए उनका केबिन नहीं खुला है। इस संबंध में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीपाल ने बताया कि वह बाहर हैं, इसलिए ओपीडी में नहीं आए थे।
अल्ट्रासाउंड सेंटर में दो डॉक्टर तैनात, मिला एक भी नहीं
– जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड सेंटर में दो डॉक्टरों की तैनाती इसलिए की गई थी कि मरीजों को बाहर न जाना पड़े। पहले एक ही चिकित्सक होने पर चिकित्सक अगर अवकाश पर होते थे तो सेंटर बंद रहता था। मगर, अब दो चिकित्सक होने के बाद भी अल्ट्रासाउंड सेंटर में ताला पड़ा रहता है। शुक्रवार को भी अल्ट्रासाउंड सेंटर में ताला पड़ा था। सेंटर के इंचार्ज डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि वहां दूसरे चिकित्सक डॉ. पीयूष कुमार मौजूद थे, उनसे ताला लगा होने की बात कही गई तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
यहां आने का फायदा ही क्या, जब डॉक्टर ही नहीं मिलते
जिला अस्पताल में अच्छा इलाज मिल जाएगा यह सोचकर आए थे, लेकिन यहां न तो डॉक्टर ही मिल पा रहे हैं और न ही दवाएं। अल्ट्रासाउंड भी बाहर से कराने को कहा गया है। – राहुल, दहेमी
हम यहां इलाज कराने आए थे। पर्चा बनवा लिया, लेकिन ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिले। पता चला कि यहां आए दिन डॉक्टर गायब रहते हैं। अब बाहर ही प्राइवेट डॉक्टर को दिखाएंगे। – मंसूर अली, हथरा
बुद्ध पूर्णिमा के अवकाश की वजह से डॉक्टर कम आए थे। ओपीडी खुलने के निर्धारित समय में अगर केबिन में ताला लगा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। अल्ट्रासाउंड सेंटर के इंचार्ज डॉ. सुशील कुमार देर से आते हैं उनका स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। – डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस

05बीडीएन24-जिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ा डॉक्टर का कक्ष। संवाद

05बीडीएन24-जिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ा डॉक्टर का कक्ष। संवाद

05बीडीएन24-जिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ा डॉक्टर का कक्ष। संवाद

05बीडीएन24-जिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ा डॉक्टर का कक्ष। संवाद

05बीडीएन24-जिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ा डॉक्टर का कक्ष। संवाद

05बीडीएन24-जिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ा डॉक्टर का कक्ष। संवाद

05बीडीएन24-जिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ा डॉक्टर का कक्ष। संवाद


