Budaun News: बिसौली में पुलिस टीम पर हमला, दरोगा को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
मेढ़ विवाद का निपटारा कराने कानूनगो के साथ गए थे पुलिसकर्मी
एक पक्ष हुआ हमलावर तो दरोगा ने खुद के बचाव में उठाया डंडा, इसके बाद की गई पुलिस की पिटाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिसौली। कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदपुरा में मेड़ विवाद निपटाने पहुंचे दरोगा और सिपाही पर दबंगों ने हमला बोल दिया। महिलाओं ने पुलिस पर पथराव किया तो पुरुषों ने उनको पीटना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने भागकर खुद को बचाया। दोनों पुलिसकर्मी भागकर कोतवाली पहुंचे और कोतवाल को घटना की जानकारी दी। कानूनगो की तहरीर पर मां, बेटे समेत तीन नामजद और कई अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई है।
गांव चंदपुरा निवासी महेंद्र पुत्र रामदीन ने कई बार आईजीआरएस पर शिकायत करते हुए मेड़ के विवाद को निपटाने की मांग की थी। मंगलवार को चकबंदी कानूनगो विजय सिंह ने मामले का निस्तारण कर दिया गया। बुधवार को दूसरे पक्ष की ओर से मेड़ तोड़ने की शिकायत आई तो हल्का दरोगा मोहम्मद अरशद व सिपाही संजय कानूनगो विजय सिंह के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस के सामने ही दोनों पक्षों में विवाद होने लगा तो दरोगा ने उन्हें समझाने का प्रयास किया।
इसी दौरान दूसरे पक्ष की महिलाओं ने दरोगा के साथ मारपीट शुरू की तो दरोगा ने अपने बचाव के लिए उन पर डंडा चला दिया। इसके बाद महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया। बाद में महिलाओं और पुरुषों ने दरोगा और सिपाही की जमकर पिटाई की। दरोगा को काफी दूर तक दौड़ाकर पीटा गया। किसी तरह पुलिसकर्मियों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। बाद में कानूनगो की तहरीर पर पीतांबर पुत्र नन्हेंलाल, शकुंतला पत्नी पीतांबर, नन्हीं देवी को नामजद करते हुए कई अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई।
कोतवाल संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस के सामने ही मेड़ तोड़ने का प्रयास किया। समझाने पर दरोगा पर हमला कर दिया। मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनगो की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
कई बार विवाद निपटाने का हो चुका था प्रयास, बार-बार शिकायत से पुलिस थी परेशान
बदायूं। गांव चंदपुरा निवासी महेंद्र और दूसरे पक्ष के बीच में काफी समय से मेड़ को लेकर विवाद चल रहा था। महेंद्र ने पांच बार आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई तो हर बार राजस्व विभाग के कर्मचारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचते रहे। दोनों पक्षों के बीच विवाद निपटाने के कई प्रयास किए गए।
एक पक्ष शांत होता तो दूसरा पक्ष शिकायतें शुरू कर देता। पीतांबर भी कई बार शिकायतें कर चुका था। कभी आईजीआरएस पर शिकायत करते तो कभी संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंच जाते थे। इस तरह से पुलिस कई बार मेड़ का विवाद निपटाने गई पर बात नहीं बनी। इससे पुलिस काफी परेशान हो चुकी थी।
मंगलवार को मेड़ विवाद निपटाया गया तो बुधवार को दूसरे पक्ष ने मेड़ तोड़ दी। इस शिकायत पर ही पुलिस गांव पहुंची थी। इसके बाद आरोपी पक्ष ने पुलिस पर हमला बोल दिया। पुलिसकर्मी जब कोतवाली पहुंचे तो उन्होंने कोतवाल संजीव कुमार शुक्ला को घटना की जानकारी दी। बाद में कानूनगो को बुलाया गया तो वह तहरीर देने में आनाकानी करते रहे। कोतवाल ने राजस्व विभाग के अधिकारियों तक शिकायत करने को कहा, तब जाकर तहरीर दी गई। इसके बाद एफआईआर दर्ज हो सकी।