बदायूं

Budaun News: परचून का सामान बेचा, सिलिंडर ढोए… बेटे और बेटियों को पढ़ा-लिखाकर बनाया अफसर

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Sold groceries, carried cylinders, Made officers by educating sons and daughters

कुंवरगांव में अपने परिवार के साथ खड़े महेश चन्द्र गुप्ता। संवाद

बदायूं/कुंवरगांव। कुंवरगांव कस्बे के महेशचंद्र गुप्ता ने अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर किसी लायक बनाने में जान लगा दी। उन्होंने परचून का सामान बेचा। साइकिल पर रसोई गैस सिलिंडर ढोए। आखिर में उनकी मेहनत और बच्चों का हौसला काम आया। उनकी एक बेटी सॉफ्टवेयर इंजीनियर, दूसरी शिक्षिका और तीसरी बैंक मैनेजर बन गई। बेटा केमिकल इंजीनियर है।

महेशचंद्र गुप्ता की शादी वर्ष 1992 में हुई थी। उस दौरान वह परचून की एक छोटी सी दुकान चलाते थे। दुकान के साथ-साथ उन्होंने रसोई गैस सिलिंडर की डिलीवरी शुरू की। उस वक्त उनका मकान कच्चा था। वह मेहनत करते गए और आगे बढ़ते गए। वर्ष 1994 में उनकी बेटी मनीषा गुप्ता का जन्म हुआ। 1996 में निमिषा गुप्ता, 1998 में दिव्या गुप्ता और 2001 में बेटे दीपांशु का जन्म हुआ।

चार बच्चों की पढ़ाई शुरू हुई तो उनके ऊपर जिम्मेदारी बढ़ती चली गई लेकिन उन्होंने मेहनत करने में कसर नहीं छोड़ी। सिलिंडर की डिलीवरी करते-करते उन्होंने एक कार खरीद ली और उसे सवारियां ढोने पर लगा दिया। बच्चे जैसे-जैसे बड़े हो रहे थे, उनकी पढ़ाई का खर्चा भी बढ़ रहा था। चारों बच्चे इंटरमीडिएट तक पहुंचे तो महेश ने एक और मारुति वैन खरीद ली। उसे भी सवारियां ढोने पर लगा दिया। बच्चों की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने मकान का निर्माण कराया।

मनीषा ने एनएमएसएन दास कॉलेज से बीकॉम किया और मथुरा से जीएलए किया। उसे मुंबई की एक प्राइवेट बैंक में प्रबंधक की नौकरी मिल गई। निमिषा ने बीकॉम, एमकॉम की पढ़ाई करके बीएड किया। वह सरकारी स्कूल में शिक्षक बन गई। तीसरी बेटी बीटेक करके बंगलुरू की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर लग गई। वहीं बेटा दीपांशु गुप्ता लखीमपुर के कॉलेज से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके कानपुर की एक फर्टिलाइजर कंपनी में जूनियर केमिकल इंजीनियर के पद पर तैनात है। चारों बच्चों को नौकरी मिलने से आज महेशचंद्र गुप्ता काफी खुश हैं। कहते हैं कि उन्होंने अपने पिता होने का फर्ज निभाया। उन्हें खुशी है कि उनके बच्चों ने उनकी मेहनत को समझा और ठीक से पढ़ाई की।

मार्च में की बड़ी बेटी की शादी

– महेश चंद्र गुप्ता ने इसी साल मार्च में अपनी बड़ी बेटी मनीषा गुप्ता की शादी की थी। अभी उनकी दो बेटियां और एक बेटा शादी को है। महेश चंद्र गुप्ता कहते हैं कि अब उन्हें अपने बच्चों की शादी की चिंता नहीं है। सब बच्चे कमा रहे हैं। अब उनकी शादी भी हो जाएगी।


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