Budaun News: प्रधान के घर पनप रहा था डेंगू का लार्वा, टीम ने नष्ट कराया

दातांगज के गांव ब्रह्मपुर में लार्वानाशक का छिड़काव कराते कीट विज्ञानी अभिषेक व उनकी टीम। संव
बदायूं। बरेली से आई टीम को समरेर ब्लॉक के गांव ब्रह्मपुर में प्रधान के घर डेंगू का लार्वा पनपता मिला। टीम ने इसे नष्ट कराकर गांव की गलियों में लार्वानाशक का छिड़काव कराया। टीम ने कई जगह जाकर जांच के लिए मच्छर पकडे़ और लार्वा घनत्व चेक किया। इस दौरान लोगोें को जागरूक भी किया गया।
मच्छरजनित रोगों के लिहाज से जिला पहले से ही संवेदनशील रहा है। वर्ष 2019 में यहां रिकॉर्ड 20,339 मरीज मलेरिया के मिले थे। इनमें 18,310 पीवी और 2029 मरीज पीएफ मलेरिया के थे। 42 मरीज डेंगू के भी पाए गए थे। वर्ष 2020 में इसमें कुछ कमी आई, लेकिन फिर भी 11,987 मरीज मलेरिया के मिले।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष केवल सात मरीज ही डेंगू के मिले। हालांकि ये विभागीय आंकड़े थे, लेकिन वास्तविकता में यह संख्या काफी ज्यादा रही थी। कई मौतें भी मलेरिया और डेंगू के कारण हुईं। साल दर साल की बात करें तो इन आंकड़ों में लगातार कमी आती रही है लेकिन मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है।
सोमवार को बरेली से आए मंडलीय कीटविज्ञानी अभिषेक कुमार ने टीम के साथ समरेर ब्लॉक के गांव ब्रह्मपुर का दौरा किया। यहां प्रधान देवेंद्र के घर कंटेनर में भरे पानी में डेंगू का लार्वा पनपता मिला। टीम ने इसे नष्ट कराया साथ ही गांव में लार्वानाशक का छिड़काव कराया। इसके बाद पूरे गांव का भ्रमण कर जांच के लिए मच्छर पकड़े गए। इसके बाद टीम गांव सराय पिपरिया पहुंची। यहां पीएफ मलेरियाग्रस्त बालिका अन्नू का हाल लिया। साथ ही गांव के लोगों को जागरूक किया।
मंडलीय कीटविज्ञानी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान लार्वा घनत्व और वयस्क घनत्व की जांंच की गई। कुछ मच्छर गांव से पकड़े गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव में मादा एनोफिलीज मच्छर मिला है, जबकि डेंगू का मच्छर नहीं पाया गया। डेंगू का लार्वा कई जगहों पर मिला, जिसे नष्ट करा दिया गया। इस दौरान मलेरिया निरीक्षक अमित तिवारी, इंसेक्ट कलेक्टर रामसेवक शर्मा आदि भी मौजूद रहे।