बदायूं

Budaun News: डीजल खर्च बढ़ा तो परिवहन निगम ने वेतन से वसूला, चालकों ने किया प्रदर्शन

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When diesel expenses increased, Transport Corporation recovered from salary, drivers demonstrated

रोडवेज वर्कशाॅप में प्रदर्शन करते रोडवेज चालक। संवाद

परिवहन निगम के अधिकारियों ने रोडवेज बस स्टैंड पर चस्पा कराया नोटिस, सुबह 11 बजे तक ठप रहा बसों संचालन

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। परिवहन निगम की रोडवेज बसों में बढ़ा डीजल खर्च चालकों के वेतन से काटा जा रहा है। अब तक करीब 125 चालकों के वेतन से कटौती की जा चुकी है, जिससे तंग आकर चालकों ने सोमवार सुबह वर्कशॉप में प्रदर्शन किया। उन्होंने सभी बसों को लाकर वर्कशॉप में खड़ा कर दिया। इससे सुबह 11 बजे तक बसों का संचालन ठप रहा। चालकों के प्रदर्शन से परिवहन निगम के अधिकारियों में खलबली मच गई। इस पर एआरएम ने रोडवेज बसों का परीक्षण कराने को कहा।

सोमवार सुबह वेतन कटौती के विरोध में परिवहन निगम के तमाम चालकों ने वर्कशॉप पहुंचकर हंगामा कर दिया। बताते हैं कि करीब 50-60 चालक बसों को लेकर वर्कशॉप पहुंच गए और उन्होंने बसों का संचालन ठप करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। चालकों ने बताया कि वह पिछले काफी समय से वेतन कटौती से परेशान हैं।

अगर उनकी बस में दो लीटर ज्यादा भी डीजल खर्च हो रहा तो उसका पैसा उनके वेतन से काट लिया जा रहा है। जब बसें रूट पर निकलती हैं तो दस-पांच लीटर डीजल इधर-उधर वैसे भी हो जाता है लेकिन परिवहन निगम के अधिकारी समझने को तैयार नहीं है। पिछले कुछ दिनों से अब तक करीब 125 चालकों के वेतन से कटौती की गई है। और तो और जिन बसों में दो-चार लीटर डीजल ज्यादा भी खर्च हुआ है तो उनकी सूची बनाकर रोडवेज बस स्टैंड पर चस्पा करा दी गई है।

परिवहन निगम के अधिकारी लगातार चालकों का उत्पीड़न कर रहे हैं। हालात यह हो गए हैं कि अब निगम के बाबुओं ने भी उनका उत्पीड़न शुरू कर दिया है। उन्होंने कुछ बसों में अपनी ओर से भी ज्यादा डीजल खर्च बताकर उनका वेतन काट लिया है।

इधर, सोमवार को प्रदर्शन की सूचना पर कई कर्मचारी मौके पर पहुंचे। चालकों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। बाद में एआरएम धणेंद्र कुमार चौबे भी पहुंच गए। उन्होंने चालकों को आश्वासन दिया कि जिन बसों में ज्यादा डीजल खर्च हो रहा है। उनका परीक्षण कराया जाएगा। अगर ज्यादा खर्च निकला तो बसों की मरम्मत कराई जाएगी। अन्यथा चालकों को वहन करना पड़ेगा।

बसों में जहां औसतन करीब सौ लीटर डीजल खर्च होता है। वहां 120 लीटर डीजल दर्शाया जा रहा है। ऐसे में चालकों के वेतन से कटौती की गई है। अगर चालक अपनी जगह पर ठीक हैं तो बसों का परीक्षण करा लिया जाएगा। फिर उसके अनुसार कार्रवाई होगी।

– धणेंद्र कुमार चौबे, एआरएम, परिवहन निगम


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