Budaun News: दहगवां में बुखार से युवक की मौत

उझानी के सकरीजंगल में कैंप में इलाज के करते डॉक्टर। स्रोत- स्वास्थ्य विभाग
उझानी में भी कम नहीं हुआ कहर, कई लोगों बुखार की चपेट में
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। दहगवां और उझानी में बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी के चलते दहगवां में एक युवक की बुखार से मौत हो गई।
उझानी ब्लॉक क्षेत्र का गांव सकरीजंगल इस समय पूरी तरह बुखार की गिरफ्त में है। बुजुर्ग हसीना बेगम, किशोरी दिलवरी, सुलेमान, छात्र वीरेश पाल, निशा पत्नी सादिक, रूखसाना पत्नी भूरे बख्श और अफजाल की मौत हो चुकी है।
प्रधान के पति मोहम्मद रिजवान ने बताया कि आठ दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब तीन सौ मरीजों का ब्लड सैंपल लेकर जांच को भेज चुकी है। रिपोर्ट में डेंगू या फिर मलेरिया की पुष्टि हुई या नहीं, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने कोई जानकारी नहीं दी है।
सोमवार पूर्वाह्न चिकित्साधिकारी सर्वेश कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने सकरीजंगल में कैंप लगाया। कैंप में महिलाओं समेत करीब 70 सौ मरीज पहुंचे। सभी बुखार से पीड़ित थे। आठ मरीजों का ब्लड सैंपल लिया गया। इसके बाद चिकित्साधिकारी ने एक दर्जन से अधिक घरों में जाकर उन मरीजों को भी देखा, जिन्हें तीन दिन पहले बुखार की दवाएं मुहैया कराई गईं थीं।
चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार ने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या में कमी तो आई है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। इसके विपरीत गांव के करीब 40 मरीज बाहर निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं।
दहगवां। नगर पंचायत निवासी अशरफ (38) पुत्र बन्ने शेख पिछले दिनों अजमेर गए थे। बृहस्पतिवार को वापस आने के बाद उनको बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया। परिजनों ने उन्हें निजी डॉक्टरों को दिखाया लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। रविवार को अशरफ की हालत ज्यादा खराब होने लगी, जिसके बाद परिजन उनको बिल्सी और बाद में बरेली ले गए। जहां उनकी मौत हो गई। इस समय यहां कई लोग बुखार की चपेट में हैं।
ककराला और बिलहरी में भी बुखार ने दी दस्तक
ककराला। ककराला, बिलहरी और क्षेत्र के आसपास के गांवों में भी बुखार ने दस्तक देदी है। निजी चिकित्सकों के यहां बुखार के मरीजों की लाइन लगी हुई है। इधर म्याऊं के बिलहरी गांव में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पूरे गांव में दवा का छिड़काव कराया गया है। मॉडल विलेज ट्रस्ट, ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन और विजन 2026 के तत्वावधान में अभियान चलाकर गांव में सफाई कर लोगों को जागरूक किया गया है। इस दौरान कोऑर्डिनेटर नजीरुल हसन, पूर्व प्रधान साकिब हुसैन फलाई, कुतुब और उनकी पूरी टीम ने सहयोग किया। संवाद
स्वास्थ्य विभाग ने नकार दीं बुखार से मौतें
बदायूं। म्याऊं ब्लॉक के गांव बिलहरी समेत उझानी के सकरी जंगल में जिन लोगों की अब तक बुखार के कारण मौत मानी जा रही थी, स्वास्थ्य विभाग ने उसे सिरे से नकार दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन लोगाें की मौत बुखार से नहीं बल्कि अन्य कारणों से हुई थी।
गांव बिलहरी मेें पिछले दिनों कई लोगों की मौत हो गई थी। परिजनों के अनुसार, इन लोगों को पहले बुखार आया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। इनमें कुछ लोगों को प्राइवेट लैब द्वारा कराई गई जांच में डेंगू पॉजिटिव बताया गया था। इधर, सोमवार रात स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई रिपोर्ट में गांव निवासी यास्मीना पत्नी आलेनबी की मौत का कारण हृदयाघात, नबीव की मौत का कारण रेस्पायरी अरेस्ट, शहनाज की मौत का कारण टाइप-टू डाइबिटीज विद कीटोएसिडोसिस बताया गया है जबकि 18 साल की गुलफशां की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। इसी प्रकार उझानी के गांव सकरीजंगल निवासी हसीना बेगम (72) पत्नी रफी अहमद, निशा (22) पत्नी मोहम्मद सादिक, छात्र वीरेश की मौत का कारण भी विभाग के अनुसार बुखार नही है। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय के अनुसार, सभी लोगों की मौत का कारण अलग-अलग निकलकर सामने आया है। किसी की भी मौत बुखार के कारण नहीं हुई है। संवाद