Budaun News: शाह शुजाअत अली मियां के उर्स में उमड़े जायरीन

9बीडीएन47आर- ककराला में उर्स-ए-शाह शुजाअत अली मियां के मौके पर निकाला जुलूस। संवाद
ककराला। सूफी हजरत किब्ला शाह मौलाना शुजाअत अली मियां रहमतुल्लाह अलैह के सालाना 67वें उर्स के पहले दिन का आगाज फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी से हुआ। यहा देशभर के तमाम स्थानों से जायरीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। गुलपोशी व हाजिरी के लिए दिन भर जायरीनों का तांता बंधा रहा। शान ओ शौकत से जुलूसे परचम कुशाई भी निकाला गया। शनिवार को जुहर की नमाज के बाद दोपहर तीन बजे दरगाह शाह दरगाही महबूब ए इलाही से जुलूस ए परचम कुशाई अदा की गई। जुलूस का परचम हाजी मुंतखब मियां ने उठाया और साहिबजादे हाजी मुहम्मद गाजी मियां को सौंपकर जुलूस को रवाना किया। जुलूस की सरपरस्ती हजरत शाह मुहम्मद सकलैन मियां ने फरमाई। रास्ते में जुलूस की कयादत अल्हाज मुहम्मद गाजी मियां, इंतखाब सकलैनी व हाफ़िज गुलाम गौस सकलैनी ने की।
जुलूस जामा मस्जिद, हुसैन गली, खिलाड़ी वाली चौपाल, पूरब पुल होता हुआ मेन बाजार से गुजरकर दरगाह शाह शुजाअत पर पहुंचकर खत्म हुआ। दरगाह शरीफ पर परचम नस्ब किया और मजारे पाक पर अकीदतमंदों ने हाजिरी दी व चादर पेश की।
जुलूस का रास्ते भर खूब जोरदार इस्तकबाल होता गया। जुलूस पर फूल बरसाए गए। लोगों ने खाने-पीने की सबील भी लगाई। जुलूस में रास्ते भर हसीब रौनक सकलैनी, आमिल ककरालवी, मजहर सकलैनी आदि ने शानदार कलाम पढ़े। जुलूस में इमाम हाफ़िज मौलाना मुकद्दस, मौलाना कैस, हाफ़िज आमिल, हाफिज अयाज, हाफिज जान मुहम्मद, हाफिज जाने आलम, मौलाना रुम्मान आदि शामिल रहे।
दूर दराज से आए लोगों के लिए लगाया गया लंगर
दूरदराज से आए हुए जायरीनों के लिए दरगाह शरीफ़ पर लंगर भी सुबह से रात तक चलता रहा। देश के कोने-कोने से आने वाले जायरीनों के ठहरने व खाने पीने की व्यवस्था दरगाह शरीफ़ की तरफ से से की गई है। दरगाह शरीफ़ के व्यवस्था में मुंतखब मियां, मुहम्मद गाजी मियां, इंतखाब सकलैनी, गौसी सकलैनी, मुंतसिब सकलैनी, मुनीफ सकलैनी, महफूज अहमद, हमजा सकलैनी, असदक सकलैनी, उमम सकलैनी, ऐनुल सकलैनी व हजरत शाह सकलैन एकेडमी के सभी पदाधिकारियों का सहयोग रहा।


