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पैरामेडिकल कोर्स कर पाएं लाखों का पैकेज, ये कोर्स हैं टॉप ट्रेंड में

Connect News 24

<p style="text-align: justify;">नीट यूजी के रिजल्ट से डॉक्टर बनने के सपने को झटका लगा है तो इस फील्ड में करियर की चिंता छोड़कर कुछ और सोचिए. फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायो से 12 वीं केवल डॉक्टर बनने तक ही सीमित नहीं है, पैरामेडिकल फील्ड में कोर्स कर आप अपने करियर को बुलंदी तक ले जा सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">बायो के स्टूडेंट्स का सपना एमबीबीएस डॉक्टर बनने का होता है. इसके लिए उन्हें 12 वीं के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नीट की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है. रैंक कम आने पर स्टूडेंट्स को बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस आदि से संतोष करना पड़ता है कई बार स्टूडेंट्स प्राइवेट कॉलेजों की मोटी फीस देखकर अपने कदम वापस खींच लेते हैं. ऐसे में पैरामेडिकल में डिप्लोमा जैसे कोर्स उनके करियर को चार चांद लगा सकते हैं. पीसीबी के छात्र मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, डायलिसिस टेक्नोलॉजी, एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी जैसे पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>नर्सिंग केयर असिस्टेंट</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">आजकल यह कोर्स काफी डिमांड में हैं. दो साल के कोर्स की फीस करीब एक लाख रुपये है. कोर्स के बाद शुरुआत में 15 से 20 हजार रुपये महीने तक की जॉब मिलती है लेकिन कुछ ही महीनों में यह 40 हजार रुपये महीने तक पहुंच सकती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>मेडिकल इमेजिंग टेक्नोलॉजी</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">यह कोर्स भी दो साल का है और इसकी फीस भी करीब एक लाख रुपये तक है. यह कोर्स डायग्नोसिस यानी रेडियोलॉजी से जुड़ा है. एक्स-रे, सीटी स्कैन आदि की जानकारी इस कोर्स में मिलती है. कोर्स के बाद सालाना ढाई से पांच लाख रुपये तक सैलरी मिल जाती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">दो साल में पूरा होने वाले इस कोर्स की फीस 75 हजार से एक लाख रुपये के बीच है. यह क्लीनिकल लैब टेस्टिंग से जुड़ा क्षेत्र है. कोर्स के तहत बीमारियों की पहचान के लिए लैब टेस्टिंग की जानकारी दी जाती है. इस कोर्स के बाद आप किसी प्रतिष्ठित अस्पताल या लैब से जुड़कर कार्य कर सकते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>डायलिसिस टेक्नीशियन</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">किडनी की समस्या बेहद आम होती जा रही है. ऐसे में डायलिसिस टेक्नीशियन की मांग बढ़ी है. दो साल के डिप्लोमा के बाद तीन लाख रुपये सालाना की जॉब मिल जाती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>एनेस्थेटिक टेक्नीशियन</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">बिना एनेस्थीसिया के कोई सर्जरी नहीं होती, इसलिए ये टेक्नीशियन हर अस्पताल के लिए जरूरी होते हैं. दो साल के कोर्स के बाद अच्छी जॉब मिलने की गारंटी होती है.</p>
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