हैंडपंप रिबोर घोटाला: पांच माह बाद शुरू हुई कार्रवाई, बंडा के 20 प्रधान, सचिव और जेई को रिकवरी नोटिस जारी

सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
शाहजहांपुर के बंडा क्षेत्र में हैंडपंप रिबोर में घोटाले की जांच अगस्त में पूरी हो गई थी। इसके बावजूद पांच महीने बाद 20 प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को राशि जमा करने के लिए कहा गया है। उत्तरदायी तीन अवर अभियंताओं से भी धनराशि वसूली जाएगी। कुल मिलाकर दस लाख 66 हजार 370 रुपये की वसूली होगी। वहीं पांच माह तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हैंडपंपों के रिबोर में गड़बड़ी की शिकायत पर डीएम उमेश प्रताप सिंह ने बंडा, पुवायां और खुटार ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में जांच के लिए टीमें गठित की थीं। बंडा ब्लॉक क्षेत्र के लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट दुर्गेश यादव के नेतृत्व में वित्त एवं लेखाधिकारी विभा यादव, जल निगम निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार यादव को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। घोटाले की खबरों को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
टीम ने जांच रिपोर्ट दी थी कि बंडा के बीडीओ कार्यालय से मात्र 64 रिबोर हैंडपंपों की सूची उपलब्ध कराई गई, जिनमें 27 हैंडपंपों के रिबोर होने की पुष्टि नहीं हो सकी। पोर्टल पर जांच करने पर 64 से अधिक हैंडपंपों का रिबोर भुगतान होना पाया गया। हैंडपंप रिबोर के लिए सभी फर्मों का भुगतान 12 से 18 प्रतिशत जीएसटी सहित किया गया है, लेकिन फर्मों ने जीएसटी जमा की या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। अपूर्ण अभिलेखों के कारण यह भी पता नहीं चल सका कि हैंडपंप रिबोर होने योग्य थे कि नहीं।