Rampur News: हजरत अब्बास की याद में निकला अलम का जुलूस
रामपुर। मोहर्रम की 29वीं तारीख पर शहर में अलम का जुलूस निकला। दोपहर में अलम मुबारक का जुलूस शहर में विभिन्न स्थानों से गुजरते हुए इमामबाड़ा किला पहुंचा, जहां देर रात को अजादारों ने हजरत अब्बास अलमदार की याद में आग पर मातम किया।
शहर के मोहल्ला लाल कबर स्थित इमामबाड़ा मोहम्मद जफर बेग से अलम के जुलूस की शुरुआत हुई। इससे पहले मौलाना अली मोहम्मद नकवी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि कर्बला के मैदान में यजीद की फौज ने छह माह के अली असगर को भी पानी नहीं दिया। इमाम हुसैन ने बच्चे को नहरे फरात के किनारे तपते हुए रेत पर रख दिया और कहा कि इसे पानी पिला दो, लेकिन यजीद की फौज के तीरंदाज हुरमुला ने त्रिफला तीर हजरत अली असगर के गले पर चला दिया।
तीर लगने के बाद बच्चा मुस्कुरा दिया और उसकी गर्दन इमाम हुसैन के बाजू पर लुढ़क गई, यह सुनकर अजादार रोने लगे। इसके बाद अलम का जुलूस बरामद हुआ। असलम महमूद और इफ्तेखार महमूद ने नोहा पढ़ा। अलम का जुलूस चौकी लाल कबर, बजरिया मुल्ला जरीफ, कोयले वाली मस्जिद, पुलिस चौकी नौदरा, पुरानी तहसील, हामिद गेट होते हुए देर रात को इमामबाड़ा किला पहुंचा, जहां देर रात को अजादारों ने आग पर मातम किया। जुलूस में शामिल लोग हाथों में हुसैन के निशान के रूप में झंडे लहरा रहे थे। जुलूस के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा।