क्योरार निवासी मजदूर बाबू मौर्य का विवाह नौ साल पहले गांव रौरा कला निवासी रामौतार की बेटी जावित्री से हुआ था। परिजनों के मुताबिक घर में आए दिन कलह होता रहता था।