1990 और फिर 1992 में राममंदिर आंदोलन में हिस्सा लेने वाले तमाम कारसेवक जिले में हैं। वे अपने संघर्ष को याद करते हुए बताते हैं कि आज की तरह तब भी माहौल राममय था।