Rampur News: सांस और निमोनिया के रोगियों पर स्वास्थ्य विभाग की कड़ी नजर

रामपुर। चीन में नए वायरस की दस्तक के बाद आसपास के जिलों के साथ-साथ रामपुर में भी स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिले में सांस और निमोनिया के रोगियों पर विभाग की पूरी नजर है। ओपीडी में आने वाले इन मरीजों का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है।
केंद्र सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी मिलने के बाद जिले में भी स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। एच-9 एन-2 वायरस से निपटने के लिए महकमा तैयारी में जुटा है। यही कारण है कि कोरोना काल में जान बचाने के लिए खरीदे गए उपकरणों को अपडेट किया जा रहा है। चीन में एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस की दस्तक को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पर तैयारियां दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए गए है।
जिले में कुल चार ऑक्सीजन प्लांट है। इनमें से तीन जिला अस्पताल और एक सीएचसी बिलासपुर में है। सभी प्लांट क्रियाशील हैं। प्रतिदिन इनकी क्रियाशीलता को चेक किया जा रहा है। 25 नवंबर से अब तक जिले में 400 से अधिक लोगों में निमोनिया की शिकायत मिली है। इनमें अकेले बच्चों की संख्या 212 है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इसमें किसी भी बच्चे को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है।
पीकू वार्ड को कराया दुरुस्त
चीन में फैले वायरस से बच्चों के अधिक संक्रमित होने की संभावना के चलते पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट(पीकू) को दोबारा तैयार किया है। इस वार्ड में 25 बेड हैं। सभी बेड पर वेंटीलेटर, ऑक्सीजन सहित इमरजेंसी संसाधन उपलब्ध हैं।
निमोनिया के 22 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे
शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी के बाल रोग विभाग में निमोनिया से ग्रसित 22 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। हालांकि इन सभी को साधारण निमोनिया के लक्षण थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पल्लव सिंघल ने दवा लिखकर परामर्श दिया।
निमोनिया के लक्षण
-खांसी, बुखार, सर्दी होना।
-कमजोरी होना।
-थका हुआ महसूस करना।
-बलगम के साथ खांसी होना।
-बेचैनी महसूस करना।
-भूख में कमी आना।
-सांस लेने में कठिनाई होना।
जिले में ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता
जिला अस्पताल – 1000 एलपीएम, 300 एलपीएम
महिला अस्पताल- 500 एलपीएम
बिलासपुर- 300 एलपीएम
इन्फ्लूएंजा एच-9 एन-2 वायरस को लेकर शासन से दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं। ऐसा कोई केस भी अभी तक सामने नहीं आया है। गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है। स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से अलर्ट है। जिले में चार ऑक्सीजन प्लांट हैं और सभी संचालित हैं।
डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ।