Rampur News: सिस्टम की सुस्ती से ठंड में ठिठुरेंगे बेघर
रामपुर। जिम्मेदारी की लापरवाही के चलते प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों के निर्माण में सुस्ती बरती जा रही है। योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में जिले में 720 आवास बनाए जाने हैं। आठ माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भी आवास पूर्व रूप से तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में बेघरों को ठंड में ठिठुरना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले को 720 बेघरों को आवास देने का लक्ष्य है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की ओर से आवास पूरे कराए जाने में लापरवाही बरती जा रही है। धरातल पर मौका मुआयना करके प्रगति रखने में अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। इस वजह से जिले में अभी तक योजना के तहत एक भी आवास पूर्ण रूप से नहीं बन सका है।
ठंड शुरू हो चुकी है और बेघर लोग पन्नी के नीचे रहने को मजबूर हैं। अधूरे आवास बनने से गरीब परिवारों को सर्दियों में कोहरे व शीतलहर की मार सहनी पड़ेगी। जिले में 720 घरों के लक्ष्य के सापेक्ष 695 लाभार्थियों को पहली और 53 लाभार्थियों को दूसरी किस्त दी जा चुकी है। तीसरी किस्त किसी भी लाभार्थी को नहीं मिली है। जिसके चलते अभी तक एक भी आवास पूरा नहीं हो सका है।
ब्लॉकवार आवास का लक्ष्य
सैदनगर 51
मिलक 33
चमरौआ 19
स्वार 342
बिलासपुर 243
शाहबाद 32
तीन किस्तों में मिलते हैं 1.20 लाख रुपये
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में लाभार्थी को तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये दिए जाते हैं। इनमें पहले किस्त में 40 हजार, दूसरी किस्त में 70 हजार और तीसरी किस्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए जाते हैं।
निर्माणाधीन आवासों की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तेजी से काम कराएं। जिन लाभार्थियों ने दूसरी किस्त के पैसे का उपभोग कर लिया है, उन्हें तीसरी किस्त जारी कर जल्द आवास पूर्ण कराएं।