रामपुर

Rampur News: डेंगू पर वार के लिए नहीं है मुख्य हथियार

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रामपुर। डेंगू को प्रकोप जिले में लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 115 मरीज मिल चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू से निपटने के लिए इंतजाम नाकाफी हैं। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में दो साल पहले डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए बनाई गई कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट को चलाने के लिए मशीनें तो आ गईं, लेकिन अभी तक लाइसेंस न मिल पाने की वजह से संचालन शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए 30 किलोमीटर दूर मुरादाबाद की दौड़ लगानी पड़ रही है।

पांच लाख रुपये खर्च कर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में दो साल पहले ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना की गई थी। मकसद यह था कि ब्लड के कंपोनेंट के लिए मरीजों को मुरादाबाद या फिर दूरस्थ स्थानों पर दौड़ नहीं लगानी पड़े। उन्हें जिले के अंदर ही ब्लड के कंपोनेंट की सुविधा दी जा सके। जिले में डेंगू-मलेरिया के मामलों को देखते हुए यह यूनिट तैयार कराई गई थी। बीते दो सालों में यूनिट को क्रियाशील करने में अस्पताल प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ी। तब जाकर यूनिट के संचालन के लिए 14 मशीनें उपलब्ध हो पाईं।

अब यूनिट का संचालन लाइसेंस न होने की वजह से रुका पड़ा है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. शमीम के अनुसार यूनिट के संचालन के लिए शासन से लाइसेंस जरूरी है। जिसके लिए कई माह पूर्व आवेदन किया जा चुका है। मगर लाइसेंस अब तक जारी नहीं हुआ है। नतीजन, डेंगू-मलेरिया और बुखार के मौसम में जिले के मरीजों को प्लेटलेट्स पाने के लिए मुरादाबाद तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। जहां पर निजी अस्पतालों में जरूरतमंदों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के कार्य

इस यूनिट में ब्लड को तीन अलग-अलग तत्वों में बांटा जा सकता है। इस यूनिट से ब्लड में मौजूद रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लाज्मा को अलग किया जा सकता है। इससे मरीज को आवश्यकता पड़ने पर उसे कंपोनेंट दिए जा सकें। प्रमुखता सड़क हादसों में घायल व डेंगू बुखार के मरीजों के लिए ब्लड के कंपोनेंट की आवश्यकता पड़ती है। जिसको पाने के लिए निजी अस्पताल भागना पड़ता है।

स्वस्थ व्यक्ति में होनी चाहिए डेढ़ से चार लाख प्लेटलेट्स

डेंगू से पीड़ित मरीजों की जब लगातार प्लेटलेट्स गिरने लगती है तो उन्हें प्लेटलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता होती है। जिला अस्पताल के डॉ. डीके वर्मा बताते हैं कि मरीज की अगर 30 हजार से नीचे प्लेटलेट्स आ जाती है तो खतरा बढ़ने लगता है। ऐसे में उसे प्लेटलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। बताते हैं कि स्वस्थ व्यक्ति में डेढ़ से चार लाख के बीच प्लेटलेट्स होना चाहिए।

अब तक डेंगू के 115 मामले आए

जिले में इस साल डेंगू के 115 मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू की रोेकथाम के लिए दावे तो हजार किए जा रहे हैं लेकिन मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही है। बुखार के रोगियों में डेंगू की पुष्टि हो रही है।

बयान

जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट तैयार है। इसके लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा चुका है। लाइसेंस जारी होने के बाद यूनिट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। -डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस जिला अस्पताल


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