Rampur News: अब घर बैठे अपने फोन से बनाएं अपना आयुष्मान कार्ड
रामपुर। अब आप स्वयं अपने ही फोन से अपना आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपडेट डाटा आयुष्मान कार्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। आपको सिर्फ अपने फोन में आयुष्मान एप को डाउनलोड कर सभी विकल्पों को पूर्ण करने के बाद आपका आयुष्मान कार्ड बनकर तैयार हो जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत लागू की गई है। जिसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को एक साल में किसी भी अस्पताल में पांच लाख रुपए तक इलाज कराने की सुविधा है। योजना के तहत पहले उन लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बन रहे थे, जो 2011 की जनगणना के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे हैं, लेकिन बाद में योजना का दायरा बढ़ा दिया गया और श्रमकार्ड व मजदूरी कार्डधारकों के भी आयुष्मान कार्ड बनने लगे।
इसके बाद भी गरीब और मध्यम परिवारों में बड़ी संख्या ऐसी रह गई थी, जो योजना के लिए पात्र तो थे, लेकिन किसी श्रेणी में नहीं आ रहे थे। ऐसे में उन लोगों के समक्ष दिक्कतें आ रहीं थीं। सरकार ने उन लोगों की दिक्कतों को दूर करने के लिए एक नई श्रेणी तय की है। जिसके तहत यदि किसी परिवार में छह या इससे अधिक सदस्य हैं, तो उनके आयुष्मान कार्ड बन जाएंगे। लेकिन, इसके लिए उनका राशन कार्ड अनिवार्य है। इस नई श्रेणी में रामपुर जनपद के 71,544 परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा, जिनमें 478290 लाभार्थी शामिल हैं।
आप कैसे बना सकते हैं आयुष्मान कार्ड
यदि आप स्वयं अपना आयुष्मान कार्ड बनाना चाहते हैं, तो आपको सबसे पहले अपने मोबाइल फोन में बेनिफिसरी डॉट एनएचए डॉट जीओवी डॉट इन पर जाना होगा। इसके बाद अपने मोबाइल नंबर को वेरिफाई करना होगा। इसके बाद कुल 27 बिंदु आएंगे, जिन्हें एक-एक कर पूर्ण करना होगा। इसमें इस बात का ध्यान रखना है कि योजना के नाम के आगे पीएमजेएवाई को सलेक्ट करना होगा। यह प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद आप अपना आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
शहर विधानसभा क्षेत्र में चलेगा अभियान
आयुष्मान कार्ड की नई श्रेणी लागू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने रामपुर सेवक कार्यालय पर जाकर जानकारी दी। जिसके बाद शहर विधायक आकाश सक्सेना ने अपने बूथ अध्यक्षों, मंडल कार्यकारिणी और ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के माध्यम से पूरे विधानसभा क्षेत्र में अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए पहले सभी को कार्यालय बुलाया जाएगा और फिर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें गांवों में एक-एक परिवार के घर जाकर कार्ड बनाने के लिए कहा जाएगा। इसमें जिन लोगों के नाम अपडेट हो जाएंगे, उन लोगों के कार्ड बन जाएंगे।