शनिवार को जिला अस्पताल में सुबह 11 बजे बाल रोग विशेषज्ञ की कुर्सी खाली पड़ी हुई थी। ऐसे में बच्चों को लेकर आए अभिभावकों को परेशान होना पड़ा।