रामपुर

Rampur News: बारिश से उफनाईं नदियां, सता रहा बाढ़ का खतरा

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रामपुर। जिले में रविवार को दिनभर तेज बारिश हुई। इसके चलते रामगंगा और कोसी नदी भी उफना गईं। दिन भर हुई बारिश से नदियों का जल स्तर बढ़ गया। जिससे आसपास के 12-13 गांवों के लोगों में दहशत है। बिलासपुर में गूलरभोज डैम से छोड़े गए पानी की वजह से पीलाखार, भाखड़ा, सैंजनीं, डकरा, बैगुल नदी का जलस्तर भी बढ़ गया, जिससे आसपास के गांव में बाढ़ का खतरा सताने लगा। हालांकि, अभी खतरे के निशान तक पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन रात भर सिंचाई विभाग और प्रशासन बाढ़ चौकियों से जानकारी लेता रहा। शनिवार रात करीब नौ बजे से शुरू हुई बारिश रुक-रुक कर होती रही, मगर रविवार सुबह से ली घटाओं के साथ तेज बारिश होने लगी। इस दौरान रामगंगा-कोसी नदी का जल स्तर भी बढ़ गया। आमतौर पर नदी का जल स्तर 2500 क्यूसेक रहता है जो रात से अब तक 6000 क्यूसेक हो गया है। जिससे आसपास के करीब 12-13 गांव सकते में आ गए। इसको लेकर आसपास के गांव रुस्तम छर्परा, रवन्ना, दलेलनगर, प्राणपुर, घोसीपुरा, सालेपुर, ईश्वरपुर समेत कई गांव के लोग काफी चिंतित हैं।

वहीं पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश से जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ गया। उत्तराखंड के रुद्रपुर से बोर और हरिपुरा जलाशय से छोड़ा गया 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बारिश से पीलाखार, भाखड़ा, सैंजनीं, डकरा, बैगुल आदि नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया। अचानक जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नहर विभाग के जेई महेश कुमार ने बताया कि पीलाखार नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि बारिश और नदियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों को अलर्ट कर दिया गया है। सभी को बाढ़ संभावित गांवों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दे दिए हैं। हालांकि, जनपद में सिंचाई विभाग के अधिकारी अपनी टीम के साथ लगातार जल स्तर का अपडेट ले रहे हैं। हर चार घंटे के अंतराल में जानकारी ली जा रही है। यही नहीं ग्रामीणों को भी समझाया गया है। देर रात तक हुई इस बारिश के चलते ग्रामीण की नींद उड़ गयी। हर कोई नदी के बंधे तक पानी की जानकारी लेता रहा। खास बात यह है कि लोगों ने दहशत में रात भर जगकर काटी है।

वर्जन

अभी जलस्तर कंट्रोल में है। हर चार घंटे में रिपोर्ट ली जा रही है। यदि कोई परेशानी आती है तो उससे निपटने के लिए इंतजाम भी हैं।

-सियाराम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।


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