Rampur News: बुखार से पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल समेत दो की मौत
रामपुर। जिले में डेंगू-बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। सोमवार को रामपुर पुलिस लाइन में तैनात अमरोहा के डिडौली क्षेत्र के गांव सिवौरा निवासी हेड कांस्टेबल अजीत सिंह (42) की मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। वहीं बिलासपुर तहसील क्षेत्र के रायपुर पजाबा गांव निवासी बुखार पीड़ित मजदूर जागन लाल गंगवार (38) की सोमवार की शाम बरेली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।अमरोहा निवासी अजीत सिंह वर्ष 1998 में पुलिस में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती रामपुर पुलिस लाइन में चल रही थी। हाल ही में वह बरेली पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल की ट्रेनिंग के लिए गए थे। वहां उन्हें बुखार आ गया। जिसके बाद उन्हें बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया। आराम ने होने पर उन्हें मेरठ के निजी अस्पताल भर्ती कराया गया। सोमवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। हेड कांस्टेबल की मौत से उनकी मां कश्मीरी, पत्नी सोयम, दो बेटे व एक बेटी का रो-रो कर बुरा हाल है। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वहीं बिलासपुर के ग्राम रायपुर पजाबा निवासी मजदूर जागन के परिजनों ने बताया कि जागन को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिवार के लोग उनका उपचार क्षेत्र के निजी चिकित्सक से करा रहे थे। हालत खराब होने पर शनिवार को उन्हें नगर के एक चिकित्सक के पास जाया गया, वहां से रुद्रपुर रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि रुद्रपुर से सोमवार को उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब 6 बजे उनकी मृत्यु हो गई। मृतक के एक पुत्र व एक पुत्री है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 1100 से अधिक मरीज
रामपुर। सुबह और रात की ठंड लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1100 से अधिक पंजीकरण हुए। इनमें 40 फीसदी रोगी सर्दी और जुकाम से पीड़ित मिले। इनमें बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक शामिल है। डेंगू और मलेरिया के रोगियों के बीच बुखार के रोगियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। इसको देखते हुए जिला अस्पताल में 50 बेड का वार्ड अलग से बनाया गया है। सोमवार को ओपीडी खुली तो बुखार के रोगियों की संख्या डॉक्टर के कक्षा के बाहर लग गई। इनमें बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक सर्दी और जुकाम से पीड़ित थे। ओपीडी में बच्चों को देख रहा है डॉ. विजेंद्र गजराज बताया मौसम में बदलाव होने पर बच्चों का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
नहीं मिला डेंगू का कोई मरीज
सोमवार को जारी स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में डेंगू का कोई मामला नहीं आया है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. केके चहल ने बताया स्वास्थ्य टीम की ओर से शहरी क्षेत्र में रोगियों की स्क्रीनिंग की गई है। दवा का छिड़काव कराया है। टीम को दो घरों में कंटेनरों में लार्वा मिला है। अब तक जिले में 717 डेंगू मरीज मिल चुके हैं।
जिला अस्पताल में हंगामा, बाहर से दवा मंगाने का आरोप
रामपुर। जिला अस्पताल के पुरुष वार्ड में भर्ती मरीजों का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें मरीज अस्पताल के डॉक्टरों पर बाहर से दवाएं मंगाने का आरोप लगा रहे हैं। साथ ही अस्पताल में ठीक ढंग से इलाज न मिलने की बात कही है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन इस प्रकरण के बारे अनभिज्ञता जाहिर कर रहा है।
वायरल वीडियो में एक मरीज अपने हाथ में लगी ड्रिप दिखाते हुए बता रहा है कि उसको तीन सौ रुपये का इंजेक्शन लगा है, जो बाहर से मंगाया गया है। मरीज के साथ खड़े अन्य लोगों ने इलाज के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि गरीब आदमी सरकारी अस्पताल में इलाज करने के लिए पहुंचता है। जब यहां पर पैसे मांगे जाते हैं तो इससे अच्छा व्यक्ति निजी अस्पताल में चला जाए वहां काम से काम बेहतर इलाज तो होगा। हालांकि, अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एचके मित्रा ने कहा कि अस्पताल में किसी भी मरीज या तीमारदार द्वारा अस्पताल में हंगामा नहीं हुआ है।