Rampur News: फैसला सुनते ही फफक पड़े वर्दीधारी
रामपुर। कोर्ट का फैसला सुनते ही सीआरपीएफ के रिटायर्ड हवलदारों समेत ज्यादातर दोषी फफक पड़े। कोर्ट से बाहर निकले तो उनके परिजनों के आंसू भी निकल आए। इस दौरान एक दूसरे को ढांढस बंधाया। दोषी कह रहे थे कि फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।शुक्रवार को 13 साल बाद कारतूस कांड का फैसला आया था। इसके लिए सभी दोषियों को शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे जेल से रामपुर कोर्ट लाया गया था। कोर्ट पहुंचते ही सभी के चेहरे मुरझाए हुए थे। उनके परिजन कोर्ट के बाहर ही कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे थे। दोपहर करीब एक बजे कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी 24 आरोपियों को दोषी मानते हुए दस-दस साल की कैद व जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।
सजा का ऐलान होते ही सीआरपीएफ के रिटायर्ड हवलदार विनोद पासवान व विनेश फफक पड़े। इसके बाद सभी दोषी कोर्ट से कड़ी सुरक्षा के बीच बाहर निकले। बाहर निकलते ही जितेंद्र सिंह, लोकनाथ, रजयपाल अपने परिवार के लोगों से मिले,जिस पर उनके परिजन भावुक हो गए। इसके साथ ही विनोद व विनेश के परिवार के लोग भी भावुक हो गए। इस दौरान सभी दोषी यह कहते हुए बाहर निकले कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण लेंगे। उन्हें झूठा फंसाया गया है। बाद में पुलिस सभी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल ले गई।
बचाव पक्ष की दलील
कोर्ट के फैसले से हम संतुष्ट नहीं है। उनके मुवक्किलों के खिलाफ पत्रावलियों पर पुख्ता सुबूत नहीं थे। अभियोजन पक्ष अपना केस सही तरीके से नहीं रख सका। हमारे द्वारा अपने बचाव में दस्तावेज भी पेश किए थे,लेकिन कोर्ट ने उनकी बात को नहीं माना। हम फैसले से संतुष्ट नहीं है। फैसले की अपील हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
देवेंद्र कुमार नंदा
अधिवक्ता
रमेश लोधी-मोहित सक्सेना