Rampur: रास्ता पूछने के बहाने रोका, सास को धक्का मार नर्सिंग होम संचालिका का अपहरण; दो किमी दूर पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश पुलिस
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स्वार (रामपुर)। थाना मिलकखानम क्षेत्र में रविवार की रात एक बजे अपनी सास के साथ जा रही नर्सिंगहोम संचालिका का ट्रक चालक मुकर्रम अली और हेल्पर समीर ने अपहरण कर दुष्कर्म का प्रयास किया। सास के शोर मचाने पर पीड़िता का पति और अन्य लोग आ गए। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से दो किलोमीटर घेराबंदी कर ट्रक रोक लिया और आरोपितों को गिरफ्तार महिला को बरामद कर लिया। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
सास के साथ नर्सिंग होम से आ रही थी संचालिका
थाना अजीमनगर अंतर्गत एक गांव निवासी महिला थाना मिलकखानम में बिलासपुर रोड पर नर्सिंग होम चलाती हैं। रविवार की रात लगभग एक बजे वह अपनी सास के साथ नर्सिंग होम से घर जा रही थीं। घर की नर्सिंगहोम से तीन सौ मीटर दूरी है। जैसे ही वह सड़क पर आईं तभी बिलासपुर की ओर से आ रहा कोयले से भरा ट्रक उनके पास रुका। ट्रक से उतरे चालक और हेल्पर रास्ता पूछने के बहाने उनसे बात करने लगे और मौका पाकर आरोपियों ने सास को धक्का देकर गिरा दिया और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही गले पर पेचकस रखकर नर्सिंग होम संचालिका का अपहरण कर उसे ट्रक में डाल लिया। इसके बाद दोनों ट्रक लेकर भाग गए।
पुलिस को कॉल कर मांगी मदद
सास के चीख-पुकार मचाने पर पीड़िता का पति और मोहल्ले के लोग आ गए। थोड़ी दूरी पर ड्यूटी पर तैनात पीआरडी जवान को सूचना दी। महिला के अपहरण की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह पुलिसफोर्स के साथ पहुंच गए। साथ ही पीआरवी गाड़ी के साथ ट्रक का पीछा शुरू कर दिया। घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर डिलारी गांव के मोड़ पर ट्रक को घेराबंदी कर रुकवा लिया। पुलिस ने पीड़िता को छुड़वाने के साथ ही चालक एवं हेल्पर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मुकर्रम अली पुत्र मुन्ने अली और समीर पुत्र खलील अहमद केमरी थाना क्षेत्र के माजुल्लापुर के निवासी हैं।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ अपहरण, जान से मारने की धमकी और दुष्कर्म के प्रयास की धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। ट्रक में कोयला लदा हुआ था जो बनारस से स्वार ले जाया जा रहा था। पुलिस ने ट्रक भी कब्जे में ले लिया है।
पुलिस की सक्रियता से टल गई बड़ी वारदात
महिला के अपहरण की सूचना मिलते ही जिस तरह से पुलिस ने सक्रियता दिखाई और आरोपियों को 10 मिनट में घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर गिरफ्तार कर लिया, उससे महिला सकुशल बच गई। अगर पुलिस की ओर से थोड़ी भी देर होती तो आरोपी कुछ भी कर सकते थे। अपहृत महिला को बरामद करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना प्रभारी कुलदीप सिंह, उपनिरीक्षक राहुल सिंह, हेड कांस्टेबल विजय कुमार, बृजेश कुमार, कैलाश सिंह, पीआरवी के नागेश कुमार, महेश चंद, सुरेंद्र कुमार और पीआरडी के भरत लाल शामिल रहे।