Shahjahanpur News: कुपोषण के चंगुल से निकले 11770 बच्चे
शाहजहांपुर। जिले में कुपोषण के दलदल से 11770 बच्चे निकल आए हैं। संभव अभियान के तहत चिह्नित किए गए कुल 12294 बच्चों में से 11770 बच्चे कई माह के अभियान के बाद अब सुपोषित हो पाए हैं। जिले में अब भी 524 बच्चे ऐसे हैं जो कुपोषण की मार झेल रहे हैं।
कुपोषण को मिटाने के लिए सरकार की ओर से लगातार अभियान चलाया जाता रहा है। बीते कुछ सालों के दौरान कई बार जिले में कुपोषण के खत्म होने के दावा किए गए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया था। बीते दिनों कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के लिए चलाए गए संभव अभियान के दौरान जिले में 12294 बच्चे कुपोषित चिह्नित किए गए।
अच्छा पोषण बच्चों के विकास का आधार : स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अच्छा पोषण बच्चों के विकास का आधार है। सुपोषित बच्चे सीखने, खेलने और अन्य कार्यों में अधिक सक्षम होते हैं। वहीं जिन बच्चों को स्वस्थ और पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है, उनमें कुपोषण के कारण कई प्रकार की गंभीर बीमारियों होने का खतरा हो सकता है। बच्चे के जन्म लेने के साथ मां का पहला दूध, बड़े होने पर विटामिन और मिनरल्स से भरपूर अनाज बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करता हैं। साथ ही कई गंभीर बीमारियों से बचाने में भी मदद करते हैं।
अच्छा खानपान नहीं मिलने से होता है कुपोषण : कुपोषण का मुख्य कारण माना जाता है कि बच्चे को अच्छा खानपान नहीं मिल पा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मौत के 50 फीसदी मामलों के लिए कुपोषण को प्रमुख कारण माना जा सकता है। कुपोषण की समस्या सामान्य संक्रमण की स्थिति को भी गंभीर बना देती है। कुपोषित बच्चों की न सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है बल्कि उनका शारीरिक और मानसिक विकास सही से नहीं हो पाता है। बच्चों में कुपोषण की स्थिति उनकी वृद्धि को प्रभावित कर सकती है। कुपोषित बच्चे की लंबाई और वजन दोनों पर असर पड़ता है।