Shahjahanpur News: 12 विद्युत उपकेंद्र प्रस्तावित, निर्माण शुरू कराने में बाधा

शाहजहांपुर में बिजली लाइन को सही करता कर्मचारी
शाहजहांपुर। जिले को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 12 विद्युत उपकेंद्र प्रस्तावित हैं, लेकिन इनके निर्माण कार्य को लेकर कई तरह की बाधाएं आ रही हैं। विद्युत निगम को उपकेंद्रों के लिए जमीन मिलना मुश्किल हो रहा। इसके लिए सरकारी जमीन देखी गई, लेकिन अभी तक मुहर नहीं लगने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। इसके चलते भीषण गर्मी में लोग ओवरलोडिंग के कारण बिजली कटौती से जूझ रहे हैं।
गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने के बाद प्रत्येक उपकेंद्र पर ओवरलोड है। अधिक कनेक्शन, कम क्षमता के ट्रांसफार्मर व जर्जर हाईटेंशन लाइनों की लंबाई ज्यादा होने के कारण ग्रामीणों को लोकल फाॅल्ट से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली की समस्या सबसे ज्यादा है। जनपद के बिजली नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से रीवैंप योजना से नौ और नगर निकाय विस्तारीकरण योजना के तहत तीन उपकेंद्र को बनाया जाना प्रस्तावित है, लेकिन अधिकतर उपकेंद्रों पर काम शुरू नहीं हो सका है।
रीवैंप योजना से जलालाबाद तहसील में चार, पुवायां में दो, तिलहर में एक व सदर में दो उपकेंद्रों का निर्माण कराने का प्रस्ताव भेजा गया था। इनमें अधिकतर को जमीन आवंटित नहीं होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। निगम के अधिकारियों ने भूमि के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार किया है।
नगर में पांच साल से जमीन नहीं तलाश पाया निगम
नगर में एक अन्य उपकेंद्र बनाने का प्लान करीब पांच साल से चल रहा है। पूर्व में कृष्णानगर में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के पीछे उपकेंद्र बनाने को पूर्व सांसद कृष्णाराज ने भूमिपूजन भी किया था। फिर उस समय के एसई ने उपकेंद्र को अपने परिसर में बनवाने से रुकवा दिया था। शाहबाजनगर में भी जमीन देखी गई। एक्सईएन ग्रामीण रंजीत कुमार ने बताया कि नगर निकाय विस्तारीकरण योजना के तहत ककरा, जलालाबाद व निगोही में उपकेंद्र प्रस्तावित है। निगोही में जगह मिल गई है, शेष दो स्थानों पर तलाश की जा रही है।
रीवैंप से यहां बनेगा उपकेंद्र
रीवैंप योजना के तहत तहसील सदर के अटसलिया में जमीन की तलाश चल रही है। औद्योगिक उपकेंद्र के लिए जमीन उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) के लिए फाइनल है। इसके अलावा पुवायां के मुड़िया कुर्मियात, देवकली, गढि़यारंगीन, खजुरी, परौर, सुजावलपुर, बरीखास आदि में उपकेंद्र बनना है।
जिले में रिवैंप योजना से नौ उपकेंद्र प्रस्तावित हैं। इनका निर्माण होने से जिले के बिजली नेटवर्क में बड़ा सुधार हो जाएगा। योजना के तहत अन्य कार्यों के लिए सर्वे कराया गया। -प्रीतम कुमार, एसई