Shahjahanpur News: दो जगह से ले रहे थे राशन, 1580 राशनकार्ड निरस्त
आधार से राशनकार्ड लिंक किए जाने के दौरान हुआ खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। आधार से राशनकार्ड लिंक होने की प्रक्रिया के बाद पूर्ति विभाग की जांच में दो जगह से राशन लेने वाले 6231 उपभोक्ता फर्जी निकले है। ऐसे में 1580 राशनकार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। जिला पूर्ति विभाग में अब भी राशनकार्डों की जांच चल रही है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत प्रति माह गरीब परिवार को निशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। कोविड काल में सरकार ने राशनकार्ड बनाने के नियमों में ढिलाई कर पात्रों को लाभान्वित करने की कोशिश की थी। इसी क्रम में जिले में परिवार के नाम बने कार्ड में नाम शामिल होने के बावजूद दूसरे प्रांत में भी राशन कार्ड बनवाकर राशन लेने का मामला सामने आया है।
इसके बाद जिला पूर्ति कार्यालय ने आधार से लिंक करते हुए सभी राशनकार्ड की जांच शुरू की। इस दौरान पता चला कि तमाम ऐसे लोगों के नाम पर राशन लिया जा रहा है जो लोग अब यहां रह ही नहीं रहे हैं। उन्होंने अपना राशन कार्ड अन्य स्थान पर बनवा लिया है और वहां से भी राशन ले रहे हैं।
जांच में कुल 6231 फर्जी यूनिट पकड़ में आईं। खुलासा होने के बाद इनकी यूनिट रद्द करने और राशन कार्ड से नाम काटने की प्रक्रिया शुरू की गई। सत्यापन में 6231 यूनिट फर्जी पाईं गई। इनमें से 1580 लोग ऐसे थे जो दूसरे प्रदेशों में बस चुके हैं। ऐसे लोगों के यूनिट यहां से काट दिए गए हैं। जबकि 4651 लोग ऐसे हैं जो दूसरी जगह से आकर यहां बस गए हैं।
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जिले में राशनकार्डों की यह है स्थिति
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत भूमिहीन, बेसहारा व अति गरीबों को भोजन की परेशानी से बचाने के लिए प्रतिमाह 35 किलोग्राम राशन दिया जाता है। तीन लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोगों को पात्र गृहस्थी कार्ड के माध्यम से प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन वितरित किया जाता है। सभी उपभोक्ताओं को कोटे की दुकान से निशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। जिले में कुल पांच लाख 72 हजार राशन कार्ड हैं। इनमें पांच लाख 34 हजार 340 पात्र गृहस्थी और 37 हजार 841 अन्त्योदय राशन कार्ड धारक हैं।
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राशनकार्डों को आधार कार्ड से लिंक कराने का काम चल रहा है। इसकी जांच के बाद दो स्थानों से राशन लेने वाली 6231 यूनिट पकड़ में आईं हैं। इसमें 1580 राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं।
– ओम हरि उपाध्याय, डीएसओ