Shahjahanpur News: आठ माह में 32 हजार लोगों ने लगवाया रैबीज का टीका

डॉ.अर्पण चौहान, पशु चिकित्सक
शाहजहांपुर। कुत्ता पालने के शौकीन लोग उनकी देखभाल के लिए कई सुविधाओं का इंतजाम करते हैं, लेकिन रैबीज से बचाव के लिए टीकाकरण नहीं कराते। इसके चलते कुत्ते रैबीज के वायरस से पीड़ित होकर नुकसान पहुंचाते हैं। जनवरी से अब तक करीब 32014 लोगों ने कुत्ते और बंदर के काटने के चलते एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई है।
रैबीज वायरस जनित बीमारी है। एक बार रैबीज से पीड़ित होने के बाद इसका उपचार संभव नहीं। पशु चिकित्सक डॉ. अर्पण चौहान ने बताया कि कुत्ते के तीन महीने का होने पर पहला टीका अवश्य लगवाएं। साल में एक बार टीका लगवाने से पशुओं में रैबीज होने का खतरा कम हो जाता है।
यह बरतें सावधानी
-अपने पालतू जानवर को बाहरी कुत्ते के संपर्क में न आने दें।
-जानवर को घुमाने बाहर ले जाएं तो उस पर नियंत्रण रखें।
-वैक्सीन लगवाने के साथ कुत्ते को कीड़े की दवा भी खिलवाएं।
देसी नुख्साें से बचें
-कुत्ते के काटने पर देसी नुख्सों व झाड़-फूंक से बचाव का प्रयास न करें। घाव पर नमक, मिर्च, तेल आदि नहीं लगाएं, बल्कि साफ पानी से घाव को साफ करें। उस पर पट्टी नहीं बांधे, साथ ही 24 घंटे के अंदर वैक्सीन लगवाएं। हर सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क वैक्सीन लग जाती है। कुत्ते के काटने के 24 घंटे के अंदर, फिर तीन, सात, 14 और 28 दिन में वैक्सीन लगवाना अनिवार्य है।
रैबीज मुक्त शाहजहांपुर अभियान को चला रहे हैं। उसके लिए पॉश कॉलोनियों में कैंप लगाकर जानवरों का टीकाकरण करेंगे। रैबीज के रोकथाम के बारे में जानकारी भी देंगे। -डॉ. अर्पण चौहान, पशु चिकित्सक