शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: लखनऊ खंडपीठ से जोड़ने की अधिवक्ताओं ने उठाई आवाज

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Advocates raised voice to link with Lucknow bench

एसडीएम को ज्ञापन देते अधिवक्तागण

शाहजहांपुर। अधिवक्ता लंबे समय से शाहजहांपुर न्यायालय को लखनऊ खंडपीठ से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को फिर से अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शैलेंद्र गौतम को दिया।

सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारी शनिवार को अध्यक्ष बृजेश कुमार वैश्य के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय जनपद से 400 किमी दूर है। इसकी वजह से वादकारियों और अधिवक्ताओं को आने-जाने में काफी परेशानी होती है, जबकि अधिवक्ताओं और वादकारियों को उच्च न्यायालय जाने के लिए लखनऊ खंडपीठ से होकर गुजरना पड़ता है।

1986 में जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट में निकटता के आधार पर जनपद को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से संबद्ध करने संस्तुति की गई थी। तब से अब तक लगातार इस मांग को लेकर हर शनिवार को प्रदर्शन करते आ रहे हैं। इस दौरान महासचिव सुधीर कुमार पांडेय, हरेंद्र कुमार राजवंशी, मुकेश यादव, राहुल शर्मा, सूरज प्रताप सिंह, अभिषेक मिश्रा, गजेंद्र बाबू श्रीवास्वत, मो. जुबैर खां, राकेश कुमार शुक्ला आदि शामिल रहे।

पुवायां में अतिरिक्त न्यायालय की मांग को लेकर कार्य से विरत रहे अधिवक्ता

– 15 हजार मुकदमें, एकल न्यायालय के कारण निस्तारण में होती है देरी

संवाद न्यूज एजेंसी

पुवायां। अतिरिक्त न्यायालय स्थापित करने की मांग को लेकर सिविल बार एसोसिएशन के वकील शनिवार को हड़ताल पर रहे। वकीलों ने मुख्य न्यायमूर्ति को संबोधित ज्ञापन पुवायां के सिविल जज को सौंपा।

ज्ञापन के जरिए बताया कि पुवायां सिविल जज न्यायालय में वर्तमान में दीवानी, फौजदारी के लगभग 15 हजार वाद विचाराधीन हैं। पुवायां में एकल न्यायालय संचालित है। इस कारण मुकदमों के निस्तारण में काफी विलंब होता है। जनहित में पुवायां में दो न्यायालयों की आवश्यकता है। पुवायां में द्वितीय न्यायालय उच्च न्यायालय से पहले ही स्वीकृति किया जा चुका है।

सिविल कोर्ट परिसर में दूसरे न्यायालय के लिए भवन भी हैं। जनपद न्यायाधीश भवन का निरीक्षण भी कर चुके हैं। अतिरिक्त न्यायालय कोर्ट परिसर में बनी कैंटीन में संचालित किया जा सकता है, लेकिन अब तक अतिरिक्त न्यायाधीश की नियुक्ति नहीं की गई है। न्यायालय शीघ्र स्थापित करने की मांग को लेकर वकील शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। ज्ञापन पर अध्यक्ष सुधीर कुमार सक्सेना और महामंत्री गणेश शंकर अवस्थी के हस्ताक्षर हैं।

मदनापुर के 105 गांव जलालाबाद में शामिल करने के लिए अधिवक्ताओं ने दिया धरना

जलालाबाद। मदनापुर क्षेत्र के 105 गांव जलालाबाद तहसील में शामिल किए जाने की मांग को लेकर बार संघ का हर सप्ताह होने वाला धरना प्रदर्शन शनिवार को फिर हुआ। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से भी विरत रहे।

धरना प्रदर्शन के बाद बार संघ अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रविंद्र कुमार को दिया। ज्ञापन में कहा कि नवसृजित तहसील कलान में दो सौ से ज्यादा गांव जोड़े जाने से जलालाबाद जनपद की सबसे कम गांव वाली तहसील बनकर रह गई है। बताया कि सदर तहसील के मदनापुर ब्लाॅक के 105 उन गांवों को यहां जोड़कर इसकी भरपाई की जा सकती है जो जलालाबाद के नजदीक हैं। धरना प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। संवाद

एसडीएम को ज्ञापन देते अधिवक्तागण

एसडीएम को ज्ञापन देते अधिवक्तागण


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