शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: डेढ़ माह में आठ फीसदी भी नहीं खरीद पाए धान

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Could not buy even eight percent paddy in one and a half month

तिलहर में एक आढ़त पर होती धान की तौल।स्रोत संवाद

शाहजहांपुर। खरीद शुरू होने के डेढ़ माह बाद अब तक लक्ष्य के सापेक्ष आठ फीसदी धान की खरीदी भी अब तक नहीं हुई है। ऐसे में जनवरी तक लक्ष्य पूरा करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

216 क्रय केंद्रों पर एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू हुई थी। इनमें से सात केंद्र खरीद नहीं होने की वजह से निरस्त कर दिए गए थे। वर्तमान में 210 क्रय केंद्र हैं। जबकि, इस बार जिले में धान खरीद का लक्ष्य 3,65,000 मीट्रिक टन रखा गया है। 11 नवंबर तक लक्ष्य के सापेक्ष 27,779.770 मीट्रिक टन ही धान खरीद हो पाई है। जबकि पिछले वर्ष 11 नवंबर तक 50344.968 मीट्रिक टन खरीद हुई थी। इस बार अभी तक कुल 3,796 किसानों ने धान बेचा है। इनमें 73.05 फीसदी किसानों का 4430.161 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। जबकि 1634.163 लाख रुपये का भुगतान बकाया है। अभी तक 23 हजार किसान पंजीकरण करा चुके हैं। इसके सापेक्ष धान बेचने वाले किसानों की संख्या बहुत कम है।

17 फीसदी नमी से अधिक वाले धान लौटाए

क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना पड़ता है। क्रय केंद्रों पर 17 फीसदी नमी से अधिक धान नहीं खरीदा जा रहा था। जबकि, आढ़तों में ऐसा कोई नियम नहीं था। इस वजह से कई किसान झंझट में न पड़कर आढ़तों पर धान बेच चुके हैं।

रोजा मंडी में खरीद की स्थिति

रोजा मंडी में 25 क्रय केंद्रों में अब तक 62857 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। जबकि नवंबर में अब तक 71,757 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें आढ़तों पर अधिक किसानों ने धान का विक्रय किया है।

सरकारी केंद्र से ज्यादा आढ़तों में आवक

तिलहर। नगर स्थित मंडी समिति परिसर में विभिन्न एजेंसियों के 16 धान खरीद केंद्र स्थापित हैं। इन पर अब तक 21,490 क्विंटल खरीद दर्शायी गई है। जबकि मंडी में आवक 1,72,867 क्विंटल हो चुकी है। खेतों से धान की फसल पूरी तरह कट चुकी है। मंडी में भी लगभग सन्नाटा पसरा है। ऐसे में सरकारी धान खरीद केंद्रों का लक्ष्य पूरा होने को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही टैं। वहीं केंद्र प्रभारी गुपचुप तरीके से अपना लक्ष्य पूरा करने की कोशिश में जुटे हैं। मंडी समिति में आढ़तों पर दीपावली से पहले खासी भीड़भाड़ रही लेकिन अब सन्नाटा है। मंडी सचिव रामनिवास ने बताया कि 14 नवंबर तक 1,72,867 कुंटल धान की आवक हुई है। बताया जाता है कि मंडी में आवक नहीं होने के बावजूद इन केंद्रों पर खरीद लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। आरएफसी के केंद्र प्रभारी मधुर कृष्ण ने बताया कि ट्रकों में जीपीएस न लगने का कारण माल की ढुलाई नहीं हो पा रही है। उधर, आरएफसी के एरिया मार्केटिंग ऑफिसर मुनेंद्र नाथ पटेल ने बताया कि कुछ ट्रकों में जीपीएस लग चुका है और माल की ढुलाई शीघ्र की जा रही है। बताया कि धान खरीद का लक्ष्य किसान से धान खरीदने के बाद पूरा किया जाएगा।

सरकारी केंद्र पर खरीद नहीं की गई

गांव नारायणपुर पट्टी के किसान राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने बृहस्पतिवार को मंडी में आढ़त पर अपना मोटा धान 1800 रुपये में और महीन धान 2700 रुपये में नकद बेचा है। सरकारी केंद्र पर लेकर गए थे लेकिन वहां मना कर दिया। कटौती करने की बात भी कही।

तिलहर में एक आढ़त पर होती धान की तौल।स्रोत संवाद

तिलहर में एक आढ़त पर होती धान की तौल।स्रोत संवाद

तिलहर में एक आढ़त पर होती धान की तौल।स्रोत संवाद

तिलहर में एक आढ़त पर होती धान की तौल।स्रोत संवाद


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