Shahjahanpur News: मिठाई की दुकानों पर उमड़ी भीड़, घेवर और काजू कतली बनी पसंद
शाहजहांपुर। रक्षाबंधन को लेकर बुधवार को सुबह से ही मिठाई की दुकानें सज गईं। महिलाओं ने भाइयों की पसंद की मिठाई खरीदी। अधिकांश लोगों ने मिक्स मिठाई ली। घेवर की मांग भी खूब रही। काजू कतली और ड्राईफ्रूट के लड्डू भी खूब बिके।
मिठाई विक्रेताओं द्वारा रक्षाबंधन को लेकर पहले से ही मिठाइयां तैयार कराई जा रहीं थीं। बुधवार को सुबह से ही मिठाई विक्रेताओं ने अपनी दुकानें सजाना शुरू कर दिया। रक्षाबंधन का मुहूर्त रात नौ बजे के बाद होने के चलते दोपहर बाद मिठाई की दुकानों पर भीड़ उमड़ना शुरू हुई। सदर बाजार, बहादुरगंज, घंटाघर, कच्चा कटरा, चौक, चारखंभा, केरूगंज, जलालनगर, रोडवेज बस अड्डा से रेलवे स्टेशन रोड पर मिठाई की दुकानें सजीं। छोटी दुकानों पर जहां मिक्स मिठाई 260 से 400 रुपये तक बिकी तो बड़े मिष्ठान भंडारों पर खोया व काजू मिक्स मिठाइयों की कीमत 550 रुपये से लेकर 1140 रुपये तक रही।
परंपरागत मिठाइयों की खरीदारी के साथ ही स्पेशल मिठाई भी खूब बिकी। इनमें घेवर 400 से 660 रुपये तक बिक रहा है। मिठाई विक्रेताओं के अनुसार घेवर की पिछले वर्ष भी इतनी ही कीमत थी, मुनाफे के चलते खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का बहुत असर नहीं है। इनके अलावा देशी घी और काजू मिक्स की मिठाइयां 1140 रुपये किग्रा तक बिक रही हैं। ड्राई फ्रूट लड्डू को खूब पसंद किया जा रहा। इसकी कीमत 1000 से 1500 रुपये किग्रा तक है।
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राखियों और उपहारों की हुई खरीदारी
शाहजहांपुर। रक्षाबंधन के लिए बाजार में सजी राखियों और उपहारों की दुकानों पर भी भीड़भाड़ रही। सुबह से ही बहनें अपने भाइयों की कलाई में बांधने के लिए राखियां खरीदने बाजार पहुंचने लगीं। उन्होंने भाइयों के पसंद की राखी खरीदी। छोटे बच्चों और महिलाओं के लिए भी बाजार में राखियां हैं, जिनकी भी खरीदारी हुई। बच्चों ने कार्टून वाली राखियां पसंद की, तो बड़ों के लिए सूती और रेशमी धागे वाली राखियां बहनों ने खरीदीं। रुद्राक्ष वाली राखियां अधिक पसंद की गईं। वहीं भाइयों ने अपनी बहनों को देने के लिए उपहार खरीदे। इनमें मिठाइयों, चॉकलेट के गिफ्ट पैक सबसे ज्यादा बिक रहे है। भाइयों ने उपहार के लिए बहन की पसंद का हैंडबैग, स्मार्टवॉच और ज्वैलरी भी खरीदी है। संवाद
आज उदयातिथि में पूरे दिन मनाएं रक्षाबंधन का पर्व
शाहजहांपुर। रक्षाबंधन का पर्व बृहस्पतिवार को उदयातिथि में पूरे दिन मनाया जाएगा। हालांकि श्रावण मास की पूर्णिमा 30 अगस्त को सुबह 10:16 बजे से शुरू लग गई थी। जोकि बृहस्पतिवार को सुबह 7:49 तक रहेगी। लेकिन 30 अगस्त को भद्रा होने के कारण रक्षाबंधन का पर्व बृहस्पतिवार को ही मनाए जाने की सलाह ज्योतिषों द्वारा दी गई है।
श्री दैवी संपद ब्रह्मचर्य संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. करुणा शंकर तिवारी ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाने का विधान है। भद्रा होने पर रक्षाबंधन नहीं मनाया जा सकता है। इस वर्ष श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 30 अगस्त बुधवार को 10:16 बजे से लग गई उसके साथ ही भद्रा भी लगी है। भद्रा बुधवार को रात 9:15 तक रही, लेकिन पूर्णिमा 31 अगस्त बृहस्पतिवार को सुबह 7:49 तक है। इसलिए रक्षाबंधन का पुण्यकाल 30 अगस्त को रात 9:15 से लेकर 31 अगस्त को सुबह 7:49 तक शुभ है। उसके बाद उदया तिथि रहेगी, जिसमें रक्षाबंधन मनाया जाएगा। संवाद