Shahjahanpur News: प्रतिबंधित मांस बेचे जाने की जांच करने गए सिपाहियों पर जानलेवा हमला
बंडा (शाहजहांपुर)। मोहल्ला मुरादपुर में मांस बेचे जाने की सूचना की जांच करने पहुंचे चार सिपाहियों पर लोगों ने लोहे की राॅड और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में घायल सिपाहियों ने मौके से भागकर जान बचाई। घटना के समय सिपाही वर्दी नहीं पहने थे। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
हेड कांस्टेबल रोहित कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि सोमवार की सुबह वह सिपाही अनिल कुमार, रोहित कुमार और अंकुर तोमर के साथ सुबह सात बजे मुख्य चौराहे पर चाय पीने गए थे। एक व्यक्ति ने आकर बताया कि मोहल्ला मुरादपुर में तालिब प्रतिबंधित पशु का मांस बेच रहा है। वह तीन अन्य सिपाहियों के साथ जांच करने पहुंचे तो मौके पर काफी भीड़ लगी थी। कई लोग काली पन्नी में मांस ले जा रहे थे। जैसे ही वे लोग नजदीक पहुंचे तो किसी ने पुलिस आने की बात कह दी। इस पर लोग भागने लगे।
सिपाही रोहित कुमार और अनिल कुमार ने मीट लिए कासिम और तस्वीर उर्फ अंशल को रोक लिया। अब्दुल रज्जाक और मीट बेच रहे तालिब ने शोर मचाकर पुलिस वालों को पकड़ने को कह दिया। इस पर मुरादपुर के तसलीम ने जान से मारने की नीयत से लोहे की रॉड सिपाही रोहित के सिर में मार दी। रोहित बेहोश होकर गिर पड़े।
मोहम्मद शलील, मेहलुद्दीन ने डंडे से सिपाही अनिल कुमार को पीटकर घायल कर दिया। 20 से 25 अन्य लोगों ने उसे और सिपाही अंकित तोमर को गाली गलौज, जान से मारने की धमकी देते हुए दौड़ा लिया। भीड़ रोहित कुमार को बेहोश देखकर मौके से भाग गई। इसके बाद उन लोगों ने बेहोश सिपाही रोहित कुमार और अनिल कुमार को उठाया और थाने लाए।
पुलिस ने कासिम, तस्बीर, अब्दुल रज्जाक, तालिब, तसलीम, मोहम्मद शकील, मैहलुद्दीन सहित 20 से 25 अज्ञात लोगों पर हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी, गाली गलौज सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सिपाहियोंं का सीएचसी पर मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
मोहल्ला मुरादपुर के लोगों ने सिपाहियों पर लगाए आरोप
मोहल्ला मुरादपुर के लोगों ने थाना प्रभारी को तहरीर देकर सिपाहियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि कुछ सिपाही आए दिन घर में घुस पड़ते हैं। विरोध करने पर महिलाओं से अभद्रता करते हैं। सोमवार को भी सिपाही रोहित, अनिल और दो अन्य सिपाही बिना वर्दी के घरों में घुसने लगे। महिलाओं ने विरोध किया तो झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। छेड़खानी और मारपीट भी की गई। शोर सुनकर लोग आए तो सिपाही धमकाते हुए चले गए। इंस्पेक्टर प्रदीप सहरावत का कहना है कि आरोप निराधार हैं। दो सिपाही घायल हुए हैं। मेडिकल कराया गया है।
कुछ दिन पहले भी हो गया था विवाद
कुछ दिन पूर्व भी बंडा के ही गांव ररुआ में नागपंचमी के मेले के डांस बंद कराने को लेकर सिपाहियों से विवाद हो गया था। डांस बंद कराने पर महिलाएं सिपाहियों से भिड़ गई थीं। सिपाहियों और वाहन पर पथराव का आरोप भी लगा था। सीओ ने घटना की जानकारी से इन्कार कर दिया था।
सिपाहियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
-संजीव वाजपेयी, एसपी देहात