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Shahjahanpur News: जमीन कुर्क करने पहुंचे नायब तहसीलदार के सामने किसान के बेटे ने पिया कीटनाशक

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Farmer's son drank pesticide in front of Naib Tehsildar who came to attach the land

पुवायां सीएचसी पर भर्ती मनीष

पुवायां (शाहजहांपुर)। गांव भैंसटा में कर्ज न चुकाने पर किसान की जमीन कुर्क करने पहुंचे नायब तहसीलदार के सामने किसान के बेटे ने कीटनाशक पी लिया। इससे राजस्व टीम और पुलिस में खलबली मच गई। नायब तहसीलदार अपने वाहन से किसान के बेटे को सीएचसी लेकर आए और भर्ती कराया। युवक का इलाज चल रहा है।

पुवायां के गांव भैंसटा निवासी ईश्वरदयाल ने पीलीभीत की बैंक ऑफ इंडिया से लगभग बीस लाख रुपये का कर्ज ले रखा है। कर्ज की राशि जमा न करने पर बैंक ने आरसी जारी कराई थी। आरसी जारी होने के बाद भी रुपये जमा न होने पर शनिवार को पुवायां से नायब तहसीलदार आशीष सिंह राजस्व टीम के साथ गांव भैंसटा में ईश्वर दयाल की जमीन की कुर्की करने गए थे। ईश्वर दयाल खेत में ही मकान बनाकर रहते हैं।

राजस्व टीम के कुर्की करने के लिए आने की जानकारी पाकर ईश्वरदयाल और उनके परिजन राजस्व टीम के पास पहुंचे और कर्ज जमा करने को समय देने की मांग की। बातचीत और कुर्की की कार्रवाई के दौरान ही ईश्वर दयाल के पुत्र मनीष उर्फ नन्हेंलाल ने साथ लाए कीटनाशक को पी लिया। राजस्वकर्मियों ने जब तक मनीष के हाथ से कीटनाशक छीना तब तक वह काफी पी चुका था।

कुर्की की जानकारी पाकर गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए थे। मनीष के कीटनाशक पीने के बाद भीड़ में कई तरह की बातें होने लगीं। इसके बाद नायब तहसीलदार मनीष को अपने वाहन से सीएचसी पुवायां लाए और भर्ती कराया। मनीष के परिजन और गांव के लोग भी सीएचसी पहुंचे और मनीष का हाल जाना।

मनीष का इलाज कर रहे डॉ. एमके सिंह का कहना है मनीष उर्फ नन्हेंलाल को अस्पताल लाया गया है। परिवार के लोग कीटनाशक पीना बता रहे हैं। इलाज किया जा रहा है। ऐसे मरीज की हालत कब बिगड़ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। अगर कोई दिक्कत हुई तो जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।

खेती में घाटा होने पर कर्ज नहीं जमा कर सके ईश्वर दयाल

– मनीष ने मुद्रा लोन योजना के तहत लिया था कर्ज, वह भी घाटे के चलते नहीं हुआ वापस

संवाद न्यूज एजेंसी

पुवायां (शाहजहांपुर)। ईश्वर दयाल ने खेती के लिए कर्ज लिया था, लेकिन घाटा हो जाने से कर्ज की राशि वापस नहीं हो सकी। पुत्र मनीष भी मुद्रा लोन योजना के तहत ली गई कर्ज की राशि वापस नहीं कर सका। अब दस लाख रुपये की राशि ब्याज सहित बढ़कर लगभग बीस लाख हो गई है।

ईश्वर दयाल के पास चार एकड़ खेती है। उन्होंने पांच वर्ष पूर्व किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खेती में लागत के लिए पांच लाख रुपये का कर्ज लिया था। खेती में घाटा हो गया, इस कारण कर्ज की राशि जमा नहीं हो सकी। रुपये जमा नहीं हुए तो ब्याज जुड़ कर कर्ज की राशि बढ़ती चली गई।

इस बीच मनीष ने खेती में घाटा देख मुद्रा लोन योजना के तहत पांच लाख रुपये का कर्ज लेकर कोल्हू लगाया था। कुछ दिन चलने के बाद कोल्हू भी घाटे के कारण बंद कर देना पड़ा। मनीष भी कर्ज की राशि जमा नहीं कर सके। पिता पुत्र ने लगभग दस लाख रुपये का कर्ज लिया था, जो अब ब्याज सहित लगभग 20 लाख रुपये हो गया है। कर्ज की राशि चुकता नहीं होने पर बैंक ने आरसी जारी कराई थी। इसी के तहत नायब तहसीलदार जमीन को कुर्क करने पहुंचे थे।

नायब तहसीलदार पर अभद्र भाषा प्रयोग करने का आरोप

पुवायां। मनीष ने बताया कि कर्ज के कारण उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। बैंक और प्रशासन को उनकी हालत देखते हुए और समय देना चाहिए था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा भी कि कुछ समय दिया जाए, वह कर्ज की राशि को थोड़ा-थोड़ा कर जमा करेंगे, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। नायब तहसीलदार ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। अपमान और जमीन को कुर्क होता देख बर्दाश्त नहीं कर सका और मैंने मजबूरन कीटनाशक पी लिया। अगर जमीन कुर्क की गई तो मैं जान दे दूंगा।

मनीष ने बताया कि तीन अगस्त को राजस्व टीम उनको और पिता को पकड़कर तहसील ले गई थी। परिजनों ने तहसील आकर अधिकारियों से बात की थी और एक सप्ताह में कर्ज अदा करने की बात भी तय हुई थी। इसके बाद वह बैंक मैनेजर से मिले थे और कर्ज के सेटलमेंट की बात हो गई थी। इसके बाद भी नायब तहसीलदार तीसरे दिन फिर से जमीन कुर्क करने पहुंच गए।

फोटो- 35 में है।

भाकियू ने दी आंदोलन की चेतावनी

पुवायां। किसान के कीटनाशक पीने की जानकारी पाकर भाकियू टिकैत गुट के तहसील अध्यक्ष अनिल सिंह यादव, रजनीश पाल, रीता देवी, प्रदीप कुमार, भूरेलाल, राजेश वर्मा सहित कई किसान नेता मौके पर पहुंचे और तहसील प्रशासन की कार्रवाई पर रोष जताया। अनिल सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश हैं कि बकाया में किसी किसान की बिजली नहीं कटेगी। वसूली भी किसान से समय अनुसार की जाएगी। इस समय किसान कर्ज लेकर फसल तैयार कर रहा है और तहसील प्रशासन जबरिया वसूली कर रहा है। इससे परेशान होकर किसान ने आत्मघाती कदम उठाया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तहसील प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने फोन पर बताया कि उन्हें जानकारी मिल गई है। प्रशासन की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंदोलन किया जाएगा। संवाद

पहले से ही मन बनाकर आए थे मनीष

ईश्वर दयाल और उनके बेटे मनीष दोनों लोग बकाएदार हैं। इसलिए कुर्की की कार्रवाई के लिए शनिवार को वह टीम के साथ खेत पर गए थे। ईश्वर दयाल और मनीष पहले से ही तैयार थे। मनीष ने बोतल से कीटनाशक पीने की कोशिश की तो अमीन में तुरंत बोतल छीनकर फेंक दी। मनीष को सीएचसी पहुंचाया गया है। इलाज कराया जा रहा है। अभद्रता का आरोप निराधार है।

– आशीष सिंह, नायब तहसीलदार पुवायां

एसडीएम पहले बोले जानकारी नहीं, फिर कही कर्ज होने की बात

एसडीएम से मामले की जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि सूचना नहीं मिली है। कुछ देर बाद एसडीएम ने कहा कि ईश्वर दयाल पर बैंक का बीस लाख 80 हजार रुपये बकाया है। इसलिए टीम कुर्की कार्रवाई करने गई थी। इस दौरान किसान के बेटे मनीष ने कीटनाशक पीने का प्रयास किया। उसे पुवायां सीएचसी पर भर्ती कराया गया है।

पुवायां सीएचसी पर भर्ती मनीष

पुवायां सीएचसी पर भर्ती मनीष

पुवायां सीएचसी पर भर्ती मनीष

पुवायां सीएचसी पर भर्ती मनीष

पुवायां सीएचसी पर भर्ती मनीष

पुवायां सीएचसी पर भर्ती मनीष


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