Shahjahanpur News: बाघ और बाघिन आबादी में कर रहे शिकार…वनकर्मी लाचार


खुटार के गांव नरौठा हंसराम में हैचरी के पास झोपड़ी में मौका मुआयना करते वनकर्मी। संवाद
खुटार। क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों में बाघ और बाघिन की दहशत कायम है। जंगली पशु आबादी में घुसकर लगातार शिकार कर रहे हैं। खेतों में इनके पगमार्क भी मिल रहे हैं लेकिन वनकर्मी इन्हें जंगलों में खदेड़ नहीं पा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर आकर ग्रामीणों को सचेत रहने की सलाह देकर लौट जाते हैं। वनकर्मियों की लचर कार्यशैली से ग्रामीणों में आक्रोश है।
गांव नरौठा हंसराम में हैचरी के पास 23 दिसंबर को बाघ ने एक गाय को मार डाला था। यहीं पर घास काट रहे गांव मुरादपुर निवासी अश्वनी कुमार पर भी बाघ ने हमला किया था, लेकिन वह बच निकले थे। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बाघ को जल्द ही जंगल में खदेड़ने की बात कही लेकिन बाद में किसी ने ध्यान नहीं दिया और सोमवार रात फिर से हैचरी के पास बाघ ने बछड़े को निवाला बनाया।
उधर, 29 दिसंबर को बाघिन ने गांव रायपुर पटियात के पूर्व प्रधान विजय सिंह के खेत के पास एक सांड़ को मार डाला था। इसके बाद बाघिन गन्ने की छिलाई कर रहे श्रमिकों की ओर गई थी लेकिन श्रमिक भाग निकले थे। 31 दिसंबर को गांव कुंभिया माफी के छोटेलाल की बकरी को भी बाघिन ने मार डाला था। एक जनवरी को बाघिन ने पास के गांव राठ में सांड़ को मार डाला। वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने काफी हंगामा किया था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत किया।
सोमवार रात फिर से गांव राठ के पास खेतों की रखवाली कर रहे ननकाई, नरेश, भारत, सुखदेव, विजय कुमार, नेवाराम व सुखपाल ने बाघिन को देखकर शोर मचाया और पटाखे दगाकर बाघिन को भगाया। क्षेत्र में घूम रहे बाघ और बाघिन की दहशत के कारण राठ, रायपुर पटियात, महुरैया, रसवां कलां, कुंभिया माफी, मुरादपुर, गुरघिया, नरौठा हंसराम, छापाबोझी, बुझिया, वनकटा सहित 12 से अधिक गांवों के लोग बेहद परेशान हैं। लोगों का कहना है कि वनकर्मी बाघ और बाघिन को जंगल की ओर भगाने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। घटना के बाद मौके पर पहुंचकर सिर्फ लोगों को समझाकर चले जाते हैं।
दोनों स्थानों पर अलग-अलग टीमों को बनाकर लगाया गया है। टीमें कंबिंग कर रही हैं। जल्द ही बाघ को जंगल की ओर भगाया जाएगा।
-मनोज श्रीवास्तव, रेंजर, खुटार रेंज

